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    HDFC Bank ने 45 करोड़ रुपये के हेरफेर के आरोपों पर दिया जवाब, कही यह बात; शेयर हुए धड़ाम!

    By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
    Updated: Wed, 27 May 2026 03:48 PM (IST)

    एचडीएफसी बैंक ने 45 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट को खारिज किया है, इसे चुनिंदा तथ्यों पर आधारित बताया। इन आरोपों के बाद बैंक के शेयर ...और पढ़ें

    HDFC बैंक ने 45 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के दावे खारिज किए

    HDFC बैंक ने 45 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के दावे खारिज किए

    HighLights

    1. एचडीएफसी बैंक ने 45 करोड़ रुपये की अनियमितताओं के दावे खारिज किए।

    2. बैंक ने आरोपों को चुनिंदा तथ्यों पर आधारित बताया।

    3. रिपोर्ट के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयर 2% से अधिक गिरे।

    IANS, नई दिल्ली। एचडीएफसी बैंक ने बुधवार को उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें 45 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का दावा किया गया था। साथ ही कहा कि गड़बड़ी को लेकर लगाए जा रहे कयास केवल चुनिंदा तथ्यों पर आधारित हैं और बैंक सभी मुद्दों को आंतरिक रूप से स्थापित प्रोसेस के जरिए संभालता है। हालांकि, आज HDFC बैंक के शेयरों में गिरावट देखी गई। इसके शेयर 2 फीसदी से अधिक गिरकर 759 रुपये (HDFC Bank Share Price) के स्तर पर बंद हुए

    एचडीएफसी बैंक ने दावा किया कि वह मजबूत आंतरिक निरीक्षण, लेखापरीक्षा और नियंत्रण प्रक्रियाओं का पालन करता है। एचडीएफसी बैंक के प्रवक्ता ने कहा, "हम चुनिंदा तथ्यों के आधार पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को पूरी तरह से खारिज करते हैं। सभी मामलों को स्थापित मानदंडों के अनुसार निपटाया जाता है और किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्णय लेने से पहले पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।"

    क्या है पूरा मामला?

    यह स्पष्टीकरण उस रिपोर्ट के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया था कि एचडीएफसी बैंक की ऑडिट कमेटी ऑफ द बोर्ड (एसीबी) ने 12 मार्च को वित्त वर्ष 2024 और 2025 के दौरान महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमएसआरडीसी) को किए गए 45 करोड़ रुपये के भुगतान की औपचारिक आंतरिक सतर्कता जांच का आदेश दिया है।

    रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ये भुगतान कथित तौर पर एमएसआरडीसी द्वारा बैंक में जमा की गई राशि पर दिए जाने वाले अलग-अलग ब्याज दरों से जुड़े थे। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार की एजेंसी को ब्याज भुगतान के रूप में सीधे जमा किए जाने के बजाय, धनराशि कथित तौर पर बैंक के मार्केटिंग डिपार्टमेंट के माध्यम से भेजी गई और चार स्थानीय विक्रेताओं के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में योगदान के रूप में दिखाई गई।

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    रिपोर्ट का असर बैंक के शेयरों पर दिखा?

    इसके अलावा, रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि एचडीएफसी बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीश की उपस्थिति में वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर इस व्यवस्था पर चर्चा की गई थी। इस रिपोर्ट के बाद एचडीएफसी बैंक के शेयर में गिरावट देखी गई थी। 27 मई को एचडीएफसी के शेयर -2.60% गिरकर 759 रुपये पर बंद हुए।

    "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें [email protected] पर भेज सकते हैं।"

    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)