एक और कंपनी पर अदाणी की नजर, खरीद लिया तो कई राज्यों में लगाएंगे स्मार्ट मीटर; कितने में हो सकती है डील?
गौतम अदाणी की अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस भारत की प्रमुख स्मार्ट मीटरिंग कंपनी पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग को खरीदने की दौड़ में शामिल है। इस डील की अनुमानित व ...और पढ़ें

एक और कंपनी खरीद सकते हैं अदाणी (AI फोटो)
HighLights
अदाणी एनर्जी पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग खरीदने की दौड़ में
डील की अनुमानित वैल्यू ₹1,500 करोड़ हो सकती है
भारत में स्मार्ट मीटर बाजार का विस्तार लक्ष्य
नई दिल्ली। बीते कुछ सालों में मुकेश अंबानी की ही तरह गौतम अदाणी ने भी कई नए सेक्टर में एंट्री करते हुए बहुत सारी कंपनियां खरीदी हैं। अब वे एक और कंपनी को खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। ये है भारत में स्मार्ट मीटरिंग सॉल्यूशन प्रोवाइड करने वाली प्रमुख कंपनियों में से एक पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग।
पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग की पैरेंट कंपनी आई स्क्वायर्ड कैपिटल है, जो अब इसकी बिक्री प्रोसेस को लेकर आगे बढ़ गई है और बातचीत के अगले दौर के लिए चार-पांच बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
कौन-कौन है दौड़ में शामिल?
बातचीत के दूसरे दौर में पहुंचने वाली कंपनियों में गौतम अदाणी के अदाणी ग्रुप की अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस भी शामिल है। इसके अलावा Apraava Energy और PE फंड Actis के नाम भी इस लिस्ट में सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनियों ने 'ड्यू डिलिजेंस' (बारीकी से जांच-पड़ताल) शुरू कर दी है और अगस्त की शुरुआत तक बाइंडिंग बोलियां मिलने की उम्मीद है।
इस डील में Polaris Smart Metering की वैल्यू लगभग ₹1,500 करोड़ (150 मिलियन डॉलर से ज़्यादा) हो सकती है।
100 मिलियन डॉलर का किया था निवेश
इससे पहले अप्रैल में रिपोर्ट आई थी कि I Squared इस कंपनी से बाहर निकलने पर विचार कर रही है जो घरों, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए स्मार्ट इलेक्ट्रिक और गैस मीटर उपलब्ध कराती है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने वाली 55 अरब डॉलर की एसेट मैनेजमेंट कंपनी ने फरवरी 2023 में अपने ISQ ग्रोथ मार्केट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के जरिए इस कंपनी में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के लिए 100 मिलियन डॉलर का निवेश किया था।
पोलारिस को कई राज्यों में मिले ऑर्डर
पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग, सिंगापुर (PSMPL-सिंगापुर) में अधिकतर हिस्सेदारी ISQGMIF के पास है, जबकि बाकी हिस्सेदारी समुन्नति, सिंगापुर के पास है। समुन्नति में यशराज खेतान की 100% हिस्सेदारी है।
बता दें कि पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में मीटर लगाने के कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। कंपनी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में ये मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के साथ मिलकर लखनऊ और अयोध्या क्लस्टर में 51 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही है। पश्चिम बंगाल में, इसे 22 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
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25 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का टार्गेट
सरकार 'रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम' को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस स्कीम का मकसद 2027 तक 25 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाना है, ताकि टोटल टेक्निकल और कमर्शियल नुकसान को कम किया जा सके। इस प्रोग्राम में अनुमानित ₹1.35 लाख करोड़ का निवेश शामिल है और इसके लागू होने व इससे जुड़े मौकों के 2035 तक चलने की उम्मीद है। इसीलिए अदाणी एनर्जी पोलारिस को खरीदने की रेस में शामिल हुई है।
पिछले महीने भी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने स्मार्ट मीटरिंग कंपनी IntelliSmart इंफ्रास्ट्रक्चर को खरीदने के लिए ₹3,050 करोड़ की डील की थी। IntelliSmart भारत के स्मार्ट मीटरिंग सेक्टर की टॉप तीन कंपनियों में से एक है, जिसके उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और असम में 2.2 करोड़ मीटर लगे हैं।
अभी भारत में स्मार्ट मीटर का इस्तेमाल अभी सिर्फ 5-6% है, जो जापान (100%) और अमेरिका (73%) जैसे विकसित बाजारों की तुलना में काफी कम है और 43% के ग्लोबल औसत से भी बहुत नीचे है।
शेयर में दिख रही कमजोरी
इस खबर के बीच अदाणी एनर्जी का शेयर कमजोर स्थिति में है। करीब पौने 10 बजे ये 0.28 फीसदी गिरकर 1,649.60 रुपये पर है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)