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PPF vs Bank FD: ब्याज देखकर करना निवेश का फैसला पड़ सकता है भारी! कैलकुलेशन से समझें आपके लिए क्या है बेस्ट

Published: Fri, 09 Oct 2026 07:00 AM (IST)

PPF vs FD: निवेश का फैसला सिर्फ ब्याज दर देखकर करना भारी पड़ सकता है; बैंक एफडी और पीपीएफ में ...और पढ़ें

PPF vs Bank FD: ब्याज देखकर करना निवेश का फैसला पड़ सकता है भारी!

PPF vs Bank FD: ब्याज देखकर करना निवेश का फैसला पड़ सकता है भारी!

HighLights

  1. निवेश करते समय केवल ब्याज दर पर ध्यान न दें।

  2. टैक्स, लॉक-इन अवधि और सुरक्षा जैसे कारकों पर विचार करें।

  3. पीपीएफ और बैंक एफडी की विस्तृत तुलना और गणना देखें।

बिजनेस न्यूज, नई दिल्ली। जब भी सुरक्षित निवेश (Safe Investment) की बात आती है, तो हम में से ज्यादातर लोग बैंक एफडी या फिर पीपीएफ (FD vs PPF) जैसी सरकारी योजनाओं की तरफ रुख करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला आप पर भारी पड़ सकता है? अगर नहीं, तो आइए आज आपको बैंक एफडी और पीपीएफ जैसी सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हैं।

कौन से फैक्टर्स जरूरी?

जब भी आप निवेश के बारे में सोचें तो सिर्फ ब्याज दर न देखें। बल्कि उस पर टैक्स, उसका लॉक इन पीरियड, उसकी सुरक्षा जैसे अन्य पहलुओं पर भी नजर डालें। वरना कई बार ऐसा हो सकता है कि ज्यादा ब्याज दर के चक्कर में आपने अपनी गाढ़ी कमाई निवेश कर दी और अब जब आपको जरूरत है, तो आप उसका इस्तेमाल ही नहीं कर पा रहे हैं।

कहां कितना मिल रहा ब्याज?

फीचर्स PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) बैंक FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) SCSS / NSC (अन्य सरकारी स्कीमें)
ब्याज दर (Interest Rate) 7.1% (तयशुदा) बैंकों और अवधि के हिसाब से अलग-अलग
SCSS: 8.2%, NSC: 7.7%, पोस्ट ऑफिस FD: 7.5%
निवेश की सीमा अधिकतम ₹1.5 लाख प्रति वर्ष कोई अधिकतम सीमा नहीं (जितना चाहें लगाएं)
SCSS में अधिकतम ₹30 लाख की सीमा
लॉक-इन अवधि 15 साल (लंबी अवधि) अपनी पसंद के अनुसार (1 से 10 साल) NSC: 5 साल, SCSS: 5 साल
टैक्स के नियम EEE (बिल्कुल टैक्स-फ्री - जमा, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों) ब्याज पर आपके टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्स मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल
लिक्विडिटी (पैसा निकालना) नियम काफी सख्त, समय से पहले निकालना मुश्किल आसान, इमरजेंसी में पेनल्टी देकर पैसे निकाल सकते हैं लॉक-इन के नियम सख्त होते हैं
सुरक्षा (Safety) केंद्र सरकार की 100% सोवरेन गारंटी DICGC के तहत ₹5 लाख तक का बीमा सुरक्षित केंद्र सरकार की 100% सोवरेन गारंटी

कैलकुलेशन के जरिए समझें

एफडी का कैलकुलेशन

  • कुल निवेश: ₹100000
  • एवरेज ब्याज: 6.5%
  • निवेश के साल: 15 years
  • 15 सालों में रिटर्न: ₹263047

PPF के लिए कैलकुलेशन

  • हर साल का निवेश: ₹10000
  • एवरेज ब्याज: 7.1%
  • निवेश की अवधि: 15 years
  • 15 सालों में कुल निवेश: ₹150000
  • 15 सालों में रिटर्न: ₹271214

ध्यान रहे कि ये कैलकुलेशन लेटेस्ट ब्याज दरों पर आधारित हैं। एफडी के लिए अलग-अलग बैंक अलग-अलग ब्याज देते हैं, तो हो सकता है कि आपको कहीं कम या ज्यादा रिटर्न मिले।

आपके लिए कौन सही?

अगर आपके पास एकमुश्त रकम मौजूद है और आप उसे लंबे समय के लिए निवेश कर सकते हैं, तो आप एफडी में निवेश कर सकते हैं। लेकिन अगर आप एक साथ बड़ी रकम को निवेश नहीं कर सकते हैं, तो आप छोटी सरकारी योजनाओं की मदद से भी निवेश की आदत बना सकते हैं।

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