'न्यूनतम वेतन ₹68000 और पुरानी पेंशन बहाल करो', 8th Pay Commission की बीच मीटिंग में किसने की बड़ी डिमांड
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग की चेन्नई बैठक में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों ने पुरानी पेंशन बहाली और ₹68,000 न्यूनतम ...और पढ़ें

चेन्नई में 8वें वेतन आयोग की बैठक संपन्न हुई।
HighLights
चेन्नई में 8वें वेतन आयोग की बैठक संपन्न हुई।
पुरानी पेंशन बहाली और ₹68000 न्यूनतम वेतन की मांग।
9 सितंबर को पुडुचेरी में होगी अगली बैठक।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। इस समय केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग की सिफारिश का इंतजार कर रहे हैं। यह इंतजार आने वाले कुछ महीनों में खत्म हो सकता है। आयोग तेजी के साथ अलग-अलग शहरों में जाकर स्टेकहोल्डर्स के साथ मीटिंग कर रहा है। अब कल यानी 9 सितंबर को 8वें वेतन आयोग का दरबार पुडुचेरी में लगेगा। इससे पहले 7 और 8 सितंबर को 8वां वेतन आयोग ने चेन्नई में स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक की।
7 और 8 दिसंबर को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में बैठक की। और इस बैठक में कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने कई बड़ी मांगें रखीं। इन मांगों में पुरानी पेंशन बहाली और न्यूनतम वेतन भी शामिल हैं।
'₹68000 न्यूनतम वेतन और पुरानी पेंशन बहाल हो'
चेन्नई में हुई बैठक में 8वें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग संगठनों ने अपनी-अपनी मांगें रखी। इस मीटिंग में चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम के प्रतिनिधियों ने पेंशनभोगियों तथा डाक कर्मचारियों से जुड़ी कई मांगों पर चर्चा की। फोरम ने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने, पेंशन और फैमिली पेंशन बढ़ाने, कम्यूटेशन की रकम की वसूली में राहत, MACP फायदों में बदलाव, बेहतर भत्ते और छुट्टी के फायदे, और मजबूत सामाजिक सुरक्षा उपायों की मांग की।
इसमे वेतन में बदलाव के लिए एक स्थायी व्यवस्था, ₹68000 का न्यूनतम वेतन और मौजूदा पे-मैट्रिक्स सिस्टम की जगह रनिंग स्केल लागू करने की भी मांग की गई।
प्रतिनिधियों ने डाक कर्मचारियों के लिए बेहतर वेतनमान और करियर में तरक्की की जरूरत पर भी ज़ोर दिया, साथ ही महिला कर्मचारियों और दिव्यांगों की चिंताओं को दूर करने के उपायों पर भी बात की।
कल पुडुचेरी में लगेगा 8वें वेतन आयोग का दरबार
8वां वेतन आयोग बुधवार, 9 सितंबर को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में बैठक करेगा। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। रक्षा और रेलवे कर्मचारियों समेत बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले यूनियनों और समूहों के साथ होने वाली इन बैठकों से पैनल की अंतिम सिफारिशें तय होने की उम्मीद है।
