8th Pay Commission में बोनस पर नया विवाद! 10 साल बाद भी ₹7000 की सीलिंग क्यों, कर्मचारियों ने कितनी कर दी डिमांड?
8th Pay Commission Latest News: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बोनस पर नया विवाद छिड़ गया है, जहां सरकार ₹7,000 ...और पढ़ें
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केंद्रीय कर्मचारियों के बोनस पर नया विवाद ₹7000 की सीलिंग पर सवाल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| आठवें वेतन आयोग के बीच बोनस पर नया विवाद छिड़ गया है। केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 7,000 रुपए की पुरानी सीलिंग पर बोनस देने जा रही है। केंद्र सरकार के ही एक नए गजट नोटिफिकेशन में इस बात की जानकारी सामने आई है। जिसे लेकर कर्मचारियों और संगठनों के बीच नई बहस छिड़ गई है।
सरकारी गजट से क्या आया सामने?
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से जारी हालिया गजट नोटिफिकेशन ने कर्मचारियों की उम्मीदों को नई हवा दे दी है। कोड ऑन वेजेज 2019 की धारा 26 के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी कर्मचारी का वेतन 7,000 रुपए प्रति माह से ज्यादा है, तो उसके बोनस की गणना 7,000 रुपए या सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage) के आधार पर की जाएगी।
NC-JCM ने क्या कर दी डिमांड?
इसी आधार पर नेशनल काउंसिल- स्टाफ साइड (NC-JCM) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा (shiva gopal mishra) ने कैबिनेट सेक्रेटरी को लेटर भेजा है। इसमें लिखा गया है कि,
जब केंद्र सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी 21,000 रुपए है, तो कर्मचारियों की बोनस सीलिंग को 7,000 रुपए पर रोके रखने का कोई औचित्य नहीं है। इसे तुरंत बढ़ाकर 21000 रुपए ही किया जाए।"
न्यूनतम वेतन ₹18,000 तो बोनस ₹17,763 क्यों नहीं?
ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने पूरे हिसाब-किताब को आईने की तरह साफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का खुद का सिद्धांत है कि यदि न्यूनतम वेज 7000 रुपए से अधिक मानी जाती है, तो बोनस भी उसी के अनुसार तय होगा।
अगर सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के वर्तमान न्यूनतम बेसिक वेतन यानी 18,000 हजार को ही आधार बनाए, तो तय फॉर्मूले (₹18,000 × 30 ÷ 30.4) के मुताबिक बोनस कम से कम ₹17,763 बनना चाहिए। जब सरकार खुद मानती है कि 18,000 रुपए न्यूनतम है, तो फिर गणना के वक्त 7,000 रुपए की सीलिंग थोपना कर्मचारियों के साथ सीधा अन्याय है।"
भारत सरकार का कहना है कि यदि केंद्र ने मिनिमम वेज को 7000 से अधिक कंसीडर किया तो अधिक वाले वेज के अनुसार बोनस का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसी आधार पर अगर सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को भी मिनिमम वेतन 18000 के आधार पर बोनस का भुगतान करे तो कुल बोनस ₹18000×30÷30.4 के अनुसार… pic.twitter.com/ds47PNnqxG
— Dr Manjeet Singh Patel (@ManjeetIMOPS) September 4, 2026
आठवें वेतन आयोग में ₹27,694 की मांग
फेडरेशन ने आगामी आठवें वेतन आयोग में बोनस को बढ़ाकर ₹27,694 किए जाने की आधिकारिक अपील की है। डॉ. पटेल का कहना है कि यदि सरकार अपने ही बनाए नियमों पर अमल करे, तो दस साल के लंबे इंतजार के बाद कर्मचारियों को एक सम्मानजनक राहत मिल सकती है। प्रत्येक सेक्टर में तय न्यूनतम बेसिक सैलरी को ही बोनस की गणना का पैमाना बनाना होगा।
दशहरा और दिवाली सामने हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार ₹7,000 का पुराना ढर्रा तोड़कर आठवें वेतन आयोग से पहले कर्मचारियों की झोली में उनका असली हक डालेगी या असंतोष का नया मोर्चा खोलेगी।
