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    Silver Investment: चांदी के सिक्के, बिस्किट ज्वैलरी या बर्तन... निवेश के लिए कौन सा तरीका सबसे सही? समझें गणित

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 08:40 PM (IST)

    Silver Investment: अगर आप चांदी मेंं निवेश करना चाहते हैं तो आपको समझना होगा कि कौन सा तरीका आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। चांदी के सिक्के, बार, ज् ...और पढ़ें

    Silver Investment: चांदी के सिक्के, बिस्किट ज्वैलरी या बर्तन... निवेश के लिए कौन सा तरीका सबसे सही? समझें गणित

    Silver Investment: चांदी के सिक्के, बिस्किट ज्वैलरी या बर्तन... निवेश के लिए कौन सा तरीका सबसे सही? समझें गणित

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली| पिछले कुछ समय में चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में कई निवेशक मौका देखकर खरीदारी करना चाहते हैं। लेकिन हर रूप में चांदी खरीदना फायदेमंद नहीं होता।

    चांदी की कीमतों में हालिया उतार-चढ़ाव के बीच बड़ा सवाल यही है कि अगर निवेश (silver investment) करना है तो चांदी किस रूप में खरीदें। सिक्के, बिस्किट, ज्वैलरी या फिर बर्तन? क्योंकि, एक्सपर्ट्स बताते हैं कि सही विकल्प चुनना ही असली मुनाफे का सौदा साबित होता है।

    1. चांदी के सिक्के और बिस्किट

    अगर शुद्ध निवेश के नजरिए से देखें तो सिक्के और बिस्किट सबसे बेहतर माने जाते हैं। इनमें 99.9% तक शुद्धता मिलती है। मेकिंग चार्ज कम या न के बराबर होता है। हालांकि आमतौर पर इसमें 1-3% तक का मेकिंग चार्ज लगता है। बेचते समय कटौती भी कम होती है।

    टैक्स कैलकुलेशन:
    खरीदते समय 3% GST देना पड़ता है। बेचने पर अगर 3 साल से पहले बेचते हैं तो शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स (आपकी इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार) चुकाना पड़ सकता है। 3 साल बाद बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20% (इंडेक्सेशन के साथ) देना पड़ सकता है।

    उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि अगर आपने 1 लाख रुपए की चांदी खरीदी (GST मिलाकर 1,03,000 रुपए) और 3 साल बाद 1.50 लाख में बेची, तो मुनाफे पर 20% टैक्स (इंडेक्सेशन के बाद) लगेगा।

    यह भी पढ़ें- Gold Silver Price: सोना 1.59 लाख पार, चांदी 2.64 लाख पर अटकी; वैश्विक तनाव से फिर गरम हुआ बाजार, निवेश का है मौका?

    2. चांदी की ज्वैलरी

    ज्वैलरी दिखने में आकर्षक जरूर है, लेकिन निवेश के लिए कम फायदेमंद। इसमें मेकिंग चार्ज 8% से 20% तक लगता है। बेचते समय मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलता।

    और कई बार शुद्धता भी 92.5% (स्टर्लिंग सिल्वर) होती है। सिल्वर कॉइन और बार की तरह यहां भी 3% GST लगता है, लेकिन बेचते समय अक्सर 5-10% तक कटौती हो सकती है। यानी मुनाफा कम हो सकता है।

    3. चांदी के बर्तन

    बर्तन में मेकिंग चार्ज ज्वैलरी से कम, लेकिन सिक्कों से ज्यादा होता है। शुद्धता अलग-अलग हो सकती है। रीसेल वैल्यू दुकान पर निर्भर करती है। टैक्स नियम ज्वैलरी जैसे ही हैं, 3% GST खरीद पर और बिक्री पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है।

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    कहां टैक्स नहीं?

    अगर आप चांदी को गिफ्ट में देते हैं तो न तो खरीदने वाले पर और न पाने वाले पर GST अलग से लगता है (खरीद पर तो लगेगा ही), लेकिन परिवार के बीच गिफ्ट पर इनकम टैक्स नहीं लगता।

    कौन सा तरीका सही?

    शुद्ध निवेश के लिए: सिक्के और बिस्किट सबसे बेहतर।
    उपयोग + निवेश: बर्तन।
    सिर्फ फैशन: ज्वैलरी।

    चांदी में तेजी के इस दौर में खरीदारी से पहले मेकिंग चार्ज, शुद्धता और टैक्स का पूरा हिसाब समझना जरूरी है। सही रूप चुना तो उछाल का पूरा फायदा मिलेगा, वरना मुनाफा मेकिंग चार्ज और टैक्स में ही निकल सकता है।