भारत में प्याज महंगा और नेपाल को लगा झटका! 140% तक बढ़े दाम, नेपाली अधिकारियों ने बताई असली वजह; मौजूदा कीमत कितनी?
भारत में प्याज की बढ़ती कीमतों का असर नेपाल पर भी पड़ा है, जहां खुदरा दाम 140% बढ़ गए हैं। ...और पढ़ें

भारत में प्याज की महंगाई का नेपाल में भी दिखा असर
HighLights
नेपाल में प्याज के खुदरा दाम 140% बढ़े।
भारत से आपूर्ति बाधित होने से कीमतें प्रभावित।
नेपाल प्याज के लिए पूरी तरह भारत पर निर्भर।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत में प्याज की महंगाई किसी से छिपी नहीं हैं। देश के कई इलाकों के स्थानीय बाजारों में इसकी कीमत ₹70 प्रति किलो तक पहुंच गई है। भारत में प्याज की बढ़ती कीमत का असर नेपाल में भी देखने को मिला है। नेपाली मीडिया के मुताबिक खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतों में 140 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। प्याज के थोक दाम भी पिछले एक सप्ताह के दौरान 20.77 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
कितनी पहुंच गई कीमत?
नेपाली मीडिया काठमांडु पोस्ट के मुताबिक वहां प्याज की कीमत 140 रुपये किलो पहुंच गई है तो मजह 1 हफ्ते पहले 100 रुपये किलो के आसपास बिक रहा थी। कलिमाटी फल एवं सब्जी मंडी विकास बोर्ड के अनुसार, प्याज के थोक भाव में पिछले 1 हफ्ते में 20.77 प्रतिशत, एक महीने में 68.65 प्रतिशत और पिछले 1 साल में 140 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रविवार को कलिमाटी थोक मंडी में प्याज 93.6 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बिक रहा था।
भारत की महंगाई का असर
नेपाल अपनी प्याज मांग को पूरी करने के लिए लगभग पूरी तरह से भारत पर निर्भर है और आयात के माध्यम से डिमांड पूरी करता है, जिससे घरेलू बाजार दक्षिणी सीमा पर कीमतों और आपूर्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव से सीधा असर देखने को मिलता है। मौजूदा समय में भारत में प्याज की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है। राजधानी नई दिल्ली में खुदरा कीमत लगभग ₹65 प्रति किलोग्राम या लगभग 104 नेपाली रुपये तक पहुंच गई है, जबकि एक साल पहले यह ₹35 प्रति किलोग्राम थी जो नेपाली मुद्रा में लगभग 56 रुपये थी।
भारत पर निर्भर है नेपाल का मंडी भाव
नेपाल की कालीमती फल एवं सब्जी बाजार विकास बोर्ड के सूचना अधिकारी बिनय श्रेष्ठ ने कहा कि प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार मूल्य पर निर्भर करता है और इस बार भारत में कीमतें बढ़ी हैं। अधिकतर प्याज भारत के नासिक से भैरहवा व्यापार केंद्र के माध्यम से आयात किया जाता है और फिर पृथ्वी नेशनल हाइवे के माध्यम से सप्लाई की जाती है। पिछले पांच दिनों से हाइवे पूरी तरह से चालू नहीं है, जिसका कीमतों पर साफ असर देखा गया है।
पिछले बुधवार को आई अचानक बाढ़ के कारण यातायात बाधित हुआ है बिनय श्रेष्ठ के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में कलिमाटी मंडी में प्रतिदिन 70 से 100 टन प्याज की आपूर्ति होती है। वहीं, आयातकों का कहना है कि महज दो हफ्तों में उनकी लागत दोगुनी हो गई है।
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नेपाल भारत का बड़ा खरीदार देश
भारत में बड़े पैमाने पर प्याज का उत्पादन होता है, जिसके चलते हम कई देशों में इसका निर्यात करते हैं। नेपाल हमारा प्रमुख खरीदार देश है जो पिछले वित्तीय वर्ष में भारत से ₹7.98 अरब मूल्य का 194,905 टन प्याज आयात किया, जो इस बात को रेखांकित करता है कि नेपाल मुख्य सब्जी के लिए भारत पर कितना निर्भर है।
