अब चीन से घटेगी निर्भरता? भारत-ब्राजील ने मिलकर बनाया 30 अरब डॉलर के बिजनेस का प्लान! देश के इन 5 सेक्टर को होगा फायदा
भारत और ब्राजील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जो वर्तमान ...और पढ़ें

भारत-ब्राजील व्यापार 30 अरब डॉलर पहुंचाने की तैयारी
HighLights
भारत-ब्राजील ने 2030 तक 30 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य रखा।
फार्मा, कृषि, इंजीनियरिंग, रसायन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ेगा व्यापार।
महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग से चीन पर निर्भरता कम होगी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत अब दुनियाभर के प्रमुख बाजारों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है, जिसके लिए लगातार प्रयास जारी है। बीते कुछ सालों में हमारे विदेशी व्यापार में काफी बढ़ोतरी आई है। अब भारत और ब्राजील ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक बढ़ाने की अपने कमिटमेंट की की पुष्टि की है। वर्तमान में भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 में 15.07 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। अब दोनों देश अगले चार वर्षों में इसे लगभग दोगुना करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
किन क्षेत्रों में बढ़ेगा व्यापार?
बैठक में कई ऐसे सेक्टर्स की पहचान की गई जिनमें व्यापार और निवेश की बड़ी संभावनाएं हैं जिसमें भारत के फार्मास्युटिकल (दवा उद्योग) को बड़ा फायदा मिलेगा। भारत ने ब्राजील में भारतीय दवाओं की आसान पहुंच और नियामकीय प्रक्रियाओं (Regulatory Procedures) को सरल बनाने की मांग की है। दोनों देशों ने फार्मा व्यापार बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है।
एग्री और फूड सेक्टर
भारत के कृषि व्यापार के क्षेत्र में भी बाजार पहुंच और खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। ब्राजील देश कृषि उत्पादों के लिए बड़ा बाजार बन सकता है, जबकि भारत ब्राजील के कृषि उत्पादों के आयात को बढ़ा सकता है। जिससे दोनों देशों के व्यापार को अधिक मजबूती मिलेगी।
इंजीनियरिंग गुड्स, केमिकल और मशीनरी
केमिकल सेक्टर को व्यापार विस्तार के मुख्य सेक्टर्स में शामिल किया गया है। दोनों देश इस क्षेत्र में निर्यात और निवेश बढ़ाने पर काम करेंगे। इंजीनियरिंग गुड्स और मशीनरी और औद्योगिक उपकरण के व्यापार को बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। यह क्षेत्र दोनों देशों के इंडस्ट्रियल विकास को नई गति दे सकता है।
चीन से घटेगी निर्भरता
इसके साथ ही दोनों देशों ने रेयर अर्थ और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। इससे भारत को चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। दोनों देश AI, डिजिटल तकनीक, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी सहयोग बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।
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वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और ब्राज़ील के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देश केवल व्यापार बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट, बाजार पहुंच और औद्योगिक सहयोग को भी मजबूत करेंगे। हमारा एक ऐसा आर्थिक संबंध बनाना है जो दोनों देशों के लिए संतुलित और टिकाऊ हो।
