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    Union Budget: वित्त मंत्री ने हर मिनट दिए 62909 करोड़, 85 मिनट के भाषण में देश को मिले ₹53 लाख करोड़; चेक करें

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 03:11 PM (IST)

    वित्त मंत्री ने 85 मिनट के बजट भाषण में 2026 का केंद्रीय बजट पेश किया। उन्होंने आगामी वित्त वर्ष के लिए ₹53.47 लाख करोड़ के कुल व्यय का अनुमान लगाया, ...और पढ़ें

    Union Budget: वित्त मंत्री ने हर मिनट दिए 62909 करोड़, 85 मिनट के भाषण में देश को मिले ₹53 लाख करोड़; चेक करें

    Union Budget: वित्त मंत्री ने हर मिनट दिए 62909 करोड़, 85 मिनट के भाषण में देश को मिले ₹53 लाख करोड़; चेक करें

    HighLights

    1. वित्त मंत्री ने 85 मिनट में ₹53.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया।

    2. प्रति मिनट ₹62,909 करोड़ का आवंटन, देश के विकास पर जोर।

    3. राजकोषीय घाटा 4.3% और कर्ज-GDP अनुपात 55.6% अनुमानित।

    नई दिल्ली। Union Budget 2026: बजट 2026 पेश हो चुका है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के जरिए देश को बड़ी सौगात दी। अगले वित्त वर्ष में देश किस हिसाब से किस दिशा में कितना खर्च करेगा, इसकी जानकारी वित्त मंत्री ने अपने भाषण में दी।

    वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट पेश करते हुए 85 मिनट का भाषण दिया। हर एक मिनट में देश को उन्होंने हजारों करोड़ रुपये दिए। आइए बजट 2026 से जुड़ी जरूरी डिटेल जानते हैं।

    वित्त मंत्री ने हर एक मिनट देश को दिया 62909 करोड़?

    रविवार 1 फरवरी सुबह 11 बजे वित्त मंत्री ने अपना भाषण शुरू किया और उन्होंने 12 बजकर 25 मिनट तक बजट भाषण दिया। यानी उन्होंने कुल 85 मिनट का बजट भाषण दिया।

    इस दौरान वित्त मंत्र ने आगामी वित्त वर्ष के लिए 53,47,315 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। यानी सरकार ने अनुमान लगाया है कि अगले वित्त वर्ष कुल व्यय ₹53,47,315 करोड़ हो सकता है।

    वित्त मंत्री ने कुल 85 मिनट का भाषण दिया। इस हिसाब से उन्होंने हर मिनट देश को 62909 करोड़ रुपये दिए। यानी उनके हर मिनट के भाषण की कीमत 62909 करोड़ रुपये है।

    डेट-टू-GDP रेश्यो और राजकोषीय घाटा कितना रहने का अनुमान

    बजट एस्टिमेट 2026-27 में डेट-टू-GDP रेश्यो GDP का 55.6 प्रतिशत होने का अनुमान है, जबकि RE 2025-26 में यह GDP का 56.1 प्रतिशत था। डेट-टू-GDP रेश्यो में गिरावट से ब्याज भुगतान पर होने वाले खर्च में कमी आएगी, जिससे धीरे-धीरे प्रायोरिटी सेक्टर के खर्च के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।

    रिवाइज्ड एस्टिमेट 2025-26 में, राजकोषीय घाटा 2025-26 के BE के बराबर GDP का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कर्ज को मजबूत करने के नए राजकोषीय समझदारी के रास्ते के अनुसार, BE 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

    खबरें और भी

    2026-27 की बात करें तो, नॉन-डेट रिसिप्ट और खर्च का अनुमान क्रमशः ₹36.5 लाख करोड़ और ₹53.5 लाख करोड़ लगाया गया है। केंद्र सरकार की नेट टैक्स रिसिप्ट का अनुमान ₹28.7 लाख करोड़ है।

    राजकोषीय घाटे को फाइनेंस करने के लिए, डेटेड सिक्योरिटीज से नेट मार्केट बोर्रोइंग का अनुमान ₹11.7 लाख करोड़ लगाया गया है। बाकी फाइनेंसिंग छोटे बचत और दूसरे सोर्स से आने की उम्मीद है। ग्रॉस मार्केट बोर्रोइंग का अनुमान ₹17.2 लाख करोड़ है।

    • राजकोषीय घाटे का लक्ष्य: GDP का 4.3%।
    • कर्ज-से-GDP अनुपात: अनुमानित 55.6%।
    • लक्ष्य: पूंजीगत खर्च के जरिए आर्थिक विकास को सपोर्ट करते हुए कर्ज-से-GDP अनुपात को कम करना जारी रखना।
    • सरकार की रणनीति उच्च विकास को मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता और राजकोषीय समझदारी के साथ संतुलित करने पर केंद्रित है।

    पल-पल की अपडेट के लिए पढ़ें लाइव ब्लॉग- Union Budget 2026: बजट साइज, घाटा, कर्ज, टैक्स-जीडीपी अनुपात, ब्याज पर खर्च कितना; सबकुछ जानिए