Union Budget 2026: बजट साइज, घाटा, कर्ज, टैक्स-जीडीपी अनुपात, ब्याज पर खर्च कितना; सबकुछ जानिए
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जिसका आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है। सरकार ने FY27 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.3% ...और पढ़ें
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Union Budget 2026: बजट साइज, घाटा, कर्ज, टैक्स कलेक्शन, टैक्स-जीडीपी अनुपात, ब्याज पर खर्च कितना; सबकुछ जानिए
HighLights
FY27 बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये अनुमानित।
राजकोषीय घाटा FY27 में GDP का 4.3% रहेगा।
कर्ज-GDP अनुपात FY27 में 55.6% पर लक्षित।
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट (Union Budget 2026) पेश कर रही हैं। इस बार के बजट साइज कितना है, घाटा कितना है, कर्ज, टैक्स कलेक्शन और जीडीपी का अनुमान कितना है? आइए एक -एक करके सबकुछ जानते हैं।
कैसा है इस साल का बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये (Budget Size) है। पिछले साल का बजट 50.65 लाख करोड़ रुपये का था।
बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष के 56.1 प्रतिशत से घटाकर FY27 में डेट-टू-GDP रेश्यो को 55.6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन को बताया कि सरकार ने 2021-22 में किए गए अपने वादे को पूरा किया है, जिसके तहत 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को GDP के 4.5% से नीचे लाना था। 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा GDP का 4.4% रहने का अनुमान है, जो BE 2025-26 के अनुमान के मुताबिक है। 2026-27 के लिए, राजकोषीय घाटा और घटकर GDP का 4.3% होने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि सरकार को उम्मीद है कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा GDP का 4.3 प्रतिशत रहेगा, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित 4.4 प्रतिशत से कम है।
- वित्त मंत्री ने बजट में FY27 के लिए कर्ज और GDP का अनुपात 55.6 प्रतिशत तय किया
- सरकार वित्त वर्ष 27 में अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए डेटेड सिक्योरिटीज से 11.7 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी।
- FM ने कहा कि सरकार ने 16वें वित्त आयोग की सिफारिश को मान लिया है कि डिवोल्यूशन का वर्टिकल शेयर 41% पर बनाए रखा जाए।
अपने 2026-27 के बजट भाषण में, सीतारमण ने यह भी कहा कि सरकार अगले वित्तीय वर्ष में राज्यों को टैक्स डिवोल्यूशन राशि के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये देगी, जबकि नेट टैक्स प्राप्तियां 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
वित्त मंत्री ने अपने 2024-25 के बजट भाषण में कहा था कि 2026-27 से, राजकोषीय नीति इस तरह से राजकोषीय घाटे को बनाए रखने का प्रयास करेगी कि केंद्र सरकार का कर्ज GDP के प्रतिशत के रूप में घटता रहे।
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कैसा था पुराना बजट
बजट का आकार (Budget Size, Total Expendature)): ₹50.65 लाख करोड़ अनुमानित था, जो पिछले संशोधित अनुमान से 7.4% अधिक था।
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): GDP का 4.4% लक्षित, जो वित्त वर्ष 25 में 4.8% था।
राजस्व घाटा (Revenue Deficit): GDP का 1.5% लक्षित।
टैक्स कलेक्शन: टैक्स रेवेन्यू में 11% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। नेट टैक्स कलेक्शन ₹28.37 लाख करोड़ अनुमानित है।
कर्ज और देनदारियां: बकाया देनदारियां GDP का 56.1% अनुमानित हैं, जिसका लंबा लक्ष्य मार्च 2031 तक ~50% तक पहुंचना है।
ब्याज खर्च: ब्याज भुगतान ज्यादा बना हुआ है, जो कुल खर्च का लगभग 25% और राजस्व प्राप्तियों का 37% था।
क्रिसिल ने क्या कहा?
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने कहा कि कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग पर चीन का दबदबा है (लगभग 95% शेयर)। 10,000 करोड़ रुपये की खास मदद इस सेक्टर में घरेलू निवेश और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अच्छा आधार देगी। यह एक लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्री है और इसमें कॉर्टन स्टील नाम के मटीरियल की ज़रूरत होती है। इससे भारत को ग्लोबल ट्रेड में अपनी जगह बनाने और ज़रूरी कंटेनरों के लिए चीन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
एजेंसी ने कहा कि अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए क्रिसिल के GDP अनुमान के हिसाब से, 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स GDP का 3.1% है। इस फाइनेंशियल ईयर के लिए बजट अनुमान भी 3.1% था। कैपिटल क्रिएशन के लिए ग्रांट्स इन एड से इसमें आमतौर पर 1% पॉइंट और जुड़ जाना चाहिए।