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भारत का सबसे अमीर जैन अरबपति, मुकेश अंबानी को देता है सीधी टक्कर; खरबों के साम्राज्य का मालिक

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:59 PM (IST)

गौतम अदाणी, भारत के सबसे बड़े जैन अरबपति, मुकेश अंबानी को कड़ी टक्कर देते हैं। उन्होंने कमोडिटी ट्रेडिंग से शुरुआत ...और पढ़ें

गौतम अदाणी भारत के सबसे बड़े जैन अरबपति हैं।

गौतम अदाणी भारत के सबसे बड़े जैन अरबपति हैं।

HighLights

  1. गौतम अदाणी भारत के सबसे बड़े जैन अरबपति हैं।

  2. उनका कारोबार मुकेश अंबानी की रिलायंस को टक्कर देता है।

  3. अदाणी ने कमोडिटी ट्रेडिंग से विशाल साम्राज्य बनाया।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत में कुछ कारोबारी ऐसे हैं, जिन्होंने छोटी शुरुआत से निकलकर ऐसा बिजनेस साम्राज्य खड़ा किया, जिनकी पहुंच देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक है। बंदरगाह से लेकर एयरपोर्ट, बिजली से लेकर ग्रीन एनर्जी और सीमेंट से लेकर डेटा सेंटर तक है। देश में ऐसे एक नहीं कई कारोबारी है। लेकिन आज हम देश के सबसे बड़े जैन अरबपति (Who is Indian Richest Jain) की बात करेंगे जो भारत के सबसे बड़े अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस को सीधी टक्कर देते हैं।

देश का सबसे बड़ा जैन कारोबारी ने अपने व्यापार की शुरुआत कमोडिटी ट्रेडिंग से की थी। लेकिन आज यह अरबपति देश के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल है और दौलत के मामले में मुकेश अंबानी को कड़ी टक्कर देता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर ये जैन अरबपति है कौन?

कौन है भारत का सबसे बड़ा जैन अरबपति

भारत के सबसे बड़े जैन अरबपति का नाम गौतम अदाणी है। जी हां गौतम अदाणी जैन जैन परिवार से है। उनका जन्म 24 जून 1962 को गुजरात के अहमदाबाद में हुआ था। कम उम्र में ही उन्होंने कारोबार की दुनिया को समझना शुरू कर दिया था। पढ़ाई बीच में छोड़कर वह मुंबई पहुंचे और वहां डायमंड ट्रेडिंग से जुड़े। इसके बाद वह गुजरात वापस लौटे और अपने भाई के साथ कारोबार में काम करने लगे।

गौतम अदाणी ने 1978 में डायमंड सॉर्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया, जिससे उनके उद्यमी सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद, 1988 में उन्होंने 'अदाणी एक्सपोर्ट्स' की स्थापना की, जो कई क्षेत्रों में काम करने वाले एक ग्लोबल ग्रुप की शुरुआत थी।

पोर्ट कारोबार ने बदली तस्वीर

उनके कारोबारी सफर में सबसे बड़ा मोड़ मुंद्रा पोर्ट के विकास के साथ आया। गुजरात के मुंद्रा में बंदरगाह का विकास धीरे-धीरे एक बड़े कारोबारी प्रोजेक्ट में बदल गया।

पोर्ट कारोबार के बाद समूह ने बिजली, लॉजिस्टिक्स, कोयला, रिन्यूएबल एनर्जी और एयरपोर्ट जैसे क्षेत्रों में विस्तार किया। इससे अदाणी ग्रुप का कारोबार तेजी से बढ़ता गया।

आज समूह की मौजूदगी देश के कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में है। पोर्ट और लॉजिस्टिक्स से लेकर एयरपोर्ट और ऊर्जा तक, अदाणी ग्रुप ने ऐसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश किया है जिनका सीधा संबंध देश की अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर से है।

अंबानी से क्यों होती है अदाणी की तुलना?

मुकेश अंबानी और गौतम अदाणी दोनों ही भारत के सबसे बड़े कारोबारी नामों में शामिल हैं। हालांकि दोनों के कारोबार का ढांचा अलग है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई क्षेत्रों में उनकी कारोबारी दिलचस्पी एक-दूसरे के करीब आई है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तेल, पेट्रोकेमिकल्स, टेलीकॉम, रिटेल और ग्रीन एनर्जी में बड़ा विस्तार किया है। दूसरी तरफ अदाणी ग्रुप ने पोर्ट, एयरपोर्ट, बिजली, ग्रीन एनर्जी, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई है।

ग्रीन एनर्जी और भविष्य की ऊर्जा को लेकर दोनों समूहों की महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं। यही वजह है कि भारतीय कारोबार की चर्चा में अक्सर अंबानी और अदाणी को एक साथ देखा जाता है।

गौतम अदाणी की पहचान एक जैन कारोबारी के रूप में भी होती है। उनका परिवार जैन समुदाय से जुड़ा है। कारोबार के साथ वह धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में भी नजर आते हैं।

कितनी है भारत के सबसे बड़े जैन कारोबारी की नेट वर्थ

भारत के सबसे अमीर जैन कारोबारी गौतम अदाणी की नेट वर्थ 82.3 बिलिय डॉलर यानी 77 लाख करोड़ रुपये (Gautam Adani Net Worth) से भी ज्यादा है। वह भारत के दूसरे और सबसे अमीर जैन भारतीय (India Richest Jain) हैं।

वहीं, अदाणी के प्रतिद्वंदी और भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की नेट वर्थ 89.3 बिलियन डॉलर यानी 84 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।

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