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गौतम अदाणी 20 साल की उम्र में कैसे बने थे मिलिनेयर? ये था उनका पहला बिजनेस, जिससे खुला एशिया में सबसे अमीर बनने का रास्ता

Published: Tue, 21 Jul 2026 03:34 PM (IST)

भारत के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अदाणी मात्र 20 साल की उम्र में ही मिलियनेयर बन गए थे। उन्होंने मुंबई ...और पढ़ें

क्या था अदाणी का पहला बिजनेस?

क्या था अदाणी का पहला बिजनेस?

HighLights

  1. गौतम अदाणी 20 साल की उम्र में बने मिलियनेयर

  2. मुंबई में डायमंड सॉर्टर के रूप में की करियर की शुरुआत

  3. इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट से रखी अदाणी साम्राज्य की नींव

नई दिल्ली। गौतम अदाणी एशिया के सबसे अमीर शख्स (Richest Person in India) हैं। आज उनकी नेटवर्थ 90.3 बिलियन डॉलर या करीब 8.68 लाख करोड़ रुपये है। वे अदाणी ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हैं, जिसका कारोबार पोर्ट और रिन्यूएबल्स एनर्जी समेत कई सेक्टर्स में फैला है। मगर क्या आप जानते हैं कि अदाणी मात्र 20 साल की उम्र में ही मिलियनेयर बन गए थे। आइए जानते हैं क्या था उनका पहला बिजनेस, जिसके चलते वे इतनी कम उम्र में मिलियनेयर बन गए थे।

कैसे शुरू किया था करियर?

गौतम अदाणी ने 48 साल पहले सन 1978 में मुंबई में डायमंड सॉर्टर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके बाद उन्होंने डायमंड ब्रोकरेज का सफल बिजनेस शुरू किया, जिससे वे सिर्फ 20 साल की उम्र (1982 तक) में ही मिलियनेयर बन गए थे।

बड़े भाई के साथ शुरू किया ये कारोबार

1982 में मिलियनेयर बनने से पहले 1981 में अदाणी ने अपने बड़े भाई के प्लास्टिक के कारोबार में उनकी मदद की और इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट और कमोडिटी ट्रेडिंग वेंचर की शुरुआत की थी।

उससे पहले 16 साल की उम्र में स्कूली शिक्षा बीच में ही छोड़कर अदाणी अहमदाबाद से मुंबई चले गए थे। उन्होंने महिंद्रा ब्रदर्स में डायमंड सॉर्टर का काम किया। काम सीखने के बाद उन्होंने मुंबई के जावेरी बाजार में अपना खुद का डायमंड ब्रोकरेज का काम शुरू किया, जो बेहद सफल रहा और वे 20 साल के आस-पास लाखों रुपये कमाने में कामयाब हो गए।

ऐसे मिला इंटरनेशनल ट्रेडिंग और कमोडिटी मार्केट का रास्ता

बड़े भाई के कहने पर अदाणी अहमदाबाद लौटे थे और उनका प्लास्टिक कारखाने का काम संभाला। यहीं से उन्हें पीवीसी (पॉलीविनाइल क्लोराइड) और प्लास्टिक के कच्चे माल को विदेशों से आयात (इम्पोर्ट) करने का मौका मिला। इस कदम ने उन्हें इंटरनेशनल ट्रेडिंग और कमोडिटी मार्केट का रास्ता दिखाया।

सरकारी नीतियों का मिला लाभ

1985 में भारत सरकार की आसान आयात नीतियों का लाभ उठाते हुए, अदाणी ने छोटे उद्योगों के लिए कच्चे माल का आयात शुरू किया। इस अनुभव के दम पर, 1988 में उन्होंने अदाणी एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (वर्तमान में अदाणी एंटरप्राइजेज) की स्थापना की।
शुरुआत में यह कंपनी कृषि और ऊर्जा वस्तुओं का व्यापार करती थी, जिसने आगे चलकर बंदरगाहों (Ports) और पावर सेक्टर तक के विशाल साम्राज्य की नींव रखी। आज इस ग्रुप का कारोबार पोर्ट, एयरपोर्ट, बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन, और ग्रीन एनर्जी जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।

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