पहले 6 महीनों में सरकार का राजकोषीय घाटा 7.15 लाख करोड़ रुपये, पूरे साल के लक्ष्य का 42%
भारत का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही में 7.15 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पूरे साल के ...और पढ़ें

राजकोषीय घाटा पहली छमाही में 7.15 लाख करोड़ रुपये रहा।
HighLights
राजकोषीय घाटा पहली छमाही में 7.15 लाख करोड़ रुपये रहा।
यह पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत है।
शुद्ध कर प्राप्तियों और सरकारी खर्च में वृद्धि हुई।
एजेंसी, नई दिल्ली। भारत का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में 7.15 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो कि सरकार द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित किए गए राजकोषीय घाटे लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी डेटा में दी गई।
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में देश को 5.7 लाख करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा हुआ था।
सरकार को कितना टैक्स मिला
सरकारी डेटा के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में देश की शुद्ध कर प्राप्तियां 12.8 लाख करोड़ रुपये रही हैं, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 12.3 लाख करोड़ रुपये थीं। यह शुद्ध कर प्राप्तियों में सालाना आधार पर 4.06 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता है।
वित्त वर्ष 27 की अप्रैल-सितंबर अवधि में गैर-कर आय 4.8 लाख करोड़ रुपये रही है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.7 लाख करोड़ रुपये थी। यह गैर-कर आय में सालाना आधार पर 2.12 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कुछ सरकारी खर्च 25.5 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि में 23 लाख करोड़ रुपये था। यह सालाना आधार पर 10.8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
इस दौरान पूंजीगत खर्च में भी वृद्धि देखने को मिली है। यह वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही के 5.8 लाख करोड़ रुपये से सालाना आधार पर करीब 12 प्रतिशत बढ़कर 6.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
16.96 लाख करोड़ रुपये है राजकोषीय घाटे का लक्ष्य
सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 27 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 16.96 लाख करोड़ रुपये पर निर्धारित किया है, जो कि जीडीपी का 4.3 प्रतिशत है।
इससे पहले बीते महीने सरकार ने कहा था कि वह चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में 7.86 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी। इस उधारी कार्यक्रम में 15,000 करोड़ रुपये के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल होंगे। वित्त मंत्रालय के अनुसार यह राशि 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से जुटाई जाएगी।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, दूसरी छमाही की उधारी के साथ पूरे वित्त वर्ष में दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए सरकार की कुल उधारी लगभग 15.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चालू वित्त वर्ष के लिए 17.2 लाख करोड़ रुपये उधार लेने का प्रस्ताव रखा था।
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