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ना राजदूत ना Yezdi, ये था भारत का पहला मोटरसाइकिल ब्रांड; 74 साल पहले बॉर्डर से गली-मोहल्ले तक दीवाने हो गए थे लोग

Published: Wed, 02 Sep 2026 04:47 PM (IST)

रॉयल एनफील्ड भारत का पहला मोटरसाइकिल ब्रांड था, जिसकी शुरुआत ब्रिटिश कंपनी के तौर पर हुई। लेकिन मद्रास मोटर्स के साथ हुए करार के बाद यह भारतीय बन गई।

मद्रास मोटर्स के साथ मिलकर रॉयल एनफील्ड इंडिया की शुरुआत हुई।

मद्रास मोटर्स के साथ मिलकर रॉयल एनफील्ड इंडिया की शुरुआत हुई।

HighLights

  1. रॉयल एनफील्ड भारत का पहला मोटरसाइकिल ब्रांड था।

  2. भारतीय सेना के लिए 1952 में बुलेट 350 का आगमन।

  3. आइशर मोटर्स ने 1994 में रॉयल एनफील्ड का अधिग्रहण किया।

नई दिल्ली। हीरो, होंडा, TVS और बजाज..आज भारत के ऑटो मोबाइल मार्केट में कई ब्रांड हैं, और अलग-अलग सेगमेंट में कई तरह की बाइक हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं हिंदुस्तान में बिकने वाली पहली बाइक कौन-सी थी और पहला मोटरसाइकिल ब्रांड कौन-सा (Indias First Motorcycle Brand) है। दिलचस्प बात है कि यह ब्रांड आज भी हिंदुस्तान के बाजार पर राज कर रहा है। भारत में पहले मोटरसाइकिल ब्रांड के तौर पर रॉयल एनफील्ड को जाना जाता है।

मूल रूप से रॉयल एनफील्ड ब्रिटिश ब्रांड था, और भारत में आधिकारिक तौर पर मोटरसाइकिल का निर्माण करने वाली यह पहली कंपनी बनी। खास बात है कि रॉयल एनफील्ड का अधिग्रहण 1994 में आइशर मोटर्स ने कर लिया जो एक भारतीय ऑटो मोबाइल कंपनी है यानी अब रॉयल एनफील्ड एक भारतीय कंपनी है। आइये आपको भारत के इस पहले मोटरसाइकिल ब्रांड की कहानी...

आजादी के बाद आई बुलेट

रॉयल एनफील्ड की स्थापना सन 1901 में ब्रिटेन में हो चुकी थी लेकिन भारत में इस ब्रांड का आगमन साल 1952 में यानी आजादी के बाद हुआ। दरअसल, उस समय भारतीय सेना को बॉर्डर पर पेट्रोलिंग करने के लिए एक मजबूत मोटरसाइकिल की जरूरत थी। इसके लिए सेना और सरकार ने रॉयल एनफील्ड की Bullet 350 को चुना और 800 मोटरसाइकिलों का पहला ऑर्डर दिया।

मद्रास मोटर्स और रॉयल एनफील्ड में करार

1952 में सेना के काफिले में बुलेट के शामिल होने के बाद इसकी डिमांड बढ़ने लगी और इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 1955 में रॉयल एनफील्ड ने भारत में 'मद्रास मोटर्स' के साथ करार किया। इसके तहत दोनों ने मिलकर 'एनफील्ड इंडिया' नाम की कंपनी बनाई और देश में मोटरसाइकिल का निर्माण शुरू कर दिया।

तिरुवोट्टियूर में बना कारखाना

रॉयल एनफील्ड और मद्रास मोटर्स में करार के बाद भारत में बुलेट का निर्माण शुरू हो गया। इसके लिए तमिलनाडु के तिरुवोट्टियूर में एक कारखाना लगाया गया। हालांकि, शुरुआत में मोटरसाइकिल के पुर्जे ब्रिटेन से आते थे और यहां असेंबल किए जाते थे, लेकिन 60 के दशक तक बुलेट के सभी पार्ट्स का निर्माण पूरी तरह से भारत में ही होने लगा।

ब्रिटेन में पतन, भारत में उदय

1952 के बाद भारत में बुलेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ने लगी और इसका निर्माण जोरों पर रहा, लेकिन इसके उल्ट ब्रिटेन में रॉयल एनफील्ड दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई। क्योंकि, Honda और Yamaha जैसे ब्रांड का उदय होने लगा और रॉयल एनफील्ड हल्की व सस्ती बाइक्स का सामना नहीं कर पाई। नतीजा यह हुआ कि 1970 में ब्रिटेन में रॉयल एनफील्ड की फैक्ट्री पूरी तरह बंद हो गई।

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भारत में भी रॉयल एनफील्ड का बिजनेस डगमगाया लेकिन 1994 में आइशर मोटर्स ने इसका अधिग्रहण किया और 6 साल बाद जब 2000 में सिद्धार्थ लाल ने कंपनी का जिम्मा संभाला, उसके बाद से बुलेट को देश में लगातार लोकप्रियता मिली और इस बाइक ने अपना खोया हुआ रुतबा फिर हासिल कर लिया। आज की तारीख में रॉयल एनफील्ड, भारत का सबसे पहला, पुराना और लोकप्रिय बाइक ब्रांड है।