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भारत में जल्द आने वाले हैं प्लास्टिक के नोट? RBI ने जारी किया पॉलिमर सब्सट्रेट शीटों के लिए ग्लोबल टेंडर!

Published: Fri, 17 Jul 2026 02:58 PM (IST)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश में प्लास्टिक नोटों को चलन में लाने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए ...और पढ़ें

RBI जल्द ला सकती है पॉलीमर नोट

RBI जल्द ला सकती है पॉलीमर नोट

HighLights

  1. RBI ने प्लास्टिक नोटों के लिए वैश्विक टेंडर जारी किया।

  2. पायलट प्रोजेक्ट में ₹10-₹20 के नोट शामिल होंगे।

  3. प्लास्टिक नोट कागजी मुद्रा से अधिक टिकाऊ और लंबे चलेंगे।

नई दिल्ली| भारत में जल्दी ही कागज की बजाय प्लास्टिक के नोट चलने वाले हैं! बीते महीनों में सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पॉलीमर नोट को चलन में लाने की तैयारी कर में है। अब मीडिया के सूत्रों की मानें तो RBI जल्द ही देश में पॉलीमर नोटों के संचालन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रही है, जिसके लिए बड़ी तैयारी भी सामने आई है।

रॉ मैटेरियल के लिए ग्‍लोबल टेंडर जारी

देश के करेंसी सिस्‍टम में बड़े सुधार की दिशा में कदम बढ़ाते हुए RBI ने पॉलीमर नोटों को चलन में लाने के पायलट प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। NDTV ने आधिकारिक सूत्रों का हवाला देते हुए बताया कि, इस प्रोजेक्ट के तहत RBI की नोट मुद्रण शाखा (Note Printing Arm) ने नोट छपाई के लिए ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीटों (प्लास्टिक नोट बनाने वाले बेस मटीरियल) के लिए एक ग्‍लोबल टेंडर भी जारी कर दिया है। उन्होंने आगे जानकारी दी कि EOI के तहत बोली जमा करने के लिए 18 अगस्त तक की लास्ट डेट तय की गई है।

कब से चलन में आएंगे नोट?

रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पॉलीमर नोटों को चलन में लाने की तैयारी तेज कर दी है। और ₹10-₹20 के नोटों के साथ इसका संचालन भी शुरू होने की संभावना जताई गई है। हालांकि अब तक इसके चलन की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्लास्टिक नोटों का फुल-स्केल रोलआउट साल 2027 से शुरू हो सकता है।

प्लास्टिक नोट कागजी नोट से कितनी अलग?

प्लास्टिक के नोट पेपर करेंसी के मुकाबले ज्‍यादा टिकाऊ होते हैं। उन पर गंदगी और नमी का असर कागजी नोट की तुलना में कम होता है, जिसके कारण उनकी सेल्फ लाइफ अधिक होती है। हालांकि प्लास्टिक नोट की छपाई का शुरुआती खर्च मौजूदा नोट की तुलना में अधिक हो सकता है लेकिन इनकी सेल्फ लाइफ अधिक होने के कारण बार-बार छापने की जरूरत नहीं होती. जिसके कारण समय के साथ लागत में भी कमी आ सकती है।

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60 देशों में चलते हैं प्लास्टिक के नोट

आरबीआई की ओर से पॉलीमर नोट को चलन में लाने का प्रयास पहली बार नहीं हो रहा है। आपको बता दें कि दुनिया के करीब 60 देशों में पॉलीमर नोट चलन में हैं। इसकी शुरुआत सबसे पहले ऑस्ट्रेलिया में हुई, उसके बाद कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, मलेशिया, थाईलैंड, रोमानिया और ब्रुनेई जैसे देशों में भी ये नोट चलन में आया। अब भारत में भी इसको चलाने पर जोर दिया जा रहा है।