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    खरीफ सीजन में बड़ा झटका! औंधे मुंह गिरी यूरिया-DAP की मांग, फर्टिलाइजर के डराने वाले आंकड़े

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 05:38 PM (IST)

    जुलाई में खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें यूरिया और डीएपी जैसे प्रमुख खाद शामिल हैं। अलनीनो के कारण कम बार ...और पढ़ें

    जुलाई में उर्वरकों की बिक्री में 13 फीसदी की गिरावट

    जुलाई में उर्वरकों की बिक्री में 13 फीसदी की गिरावट

    HighLights

    1. जुलाई में कुल उर्वरक बिक्री में 13% की कमी।

    2. यूरिया की बिक्री में 9% और डीएपी में 1.4% गिरावट।

    3. अलनीनो से कम बारिश, बुवाई क्षेत्र घटने से मांग कम।

    नई दिल्ली| जुलाई-अगस्त खरीफ के पीक सीजन में उर्वरकों की बिक्री को लेकर नया आंकड़ा सामने आया है। जहां पिछले साल देश के अलग-अलग राज्यों से खाद की किल्लत देखी गई थी, वहीं इस साल जुलाई महीने के लिए आए नए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक खाद की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यूरिया-DAP के साथ-साथ अन्य प्रमुख खादों की मांग में कमी देखी गई है। इसके पीछे भी अलनीनो एक ठोस कारण बनकर उभरा है।

    कितनी कम हुई यूरिया की बिक्री?

    जुलाई महीने में जहां धान की खेती में पहली खाद देने की जरूरत होती है, ऐसे समय में उर्वरकों की मांग में कमी का आंकड़ा सामने आया है। आंकड़े बताते हैं कि जुलाई में उर्वरकों की कुल बिक्री 77.44 लाख टन रह गई जो कि पिछले साल 89.41 लाख टन थी, बीते साल की तुलना में 13 फीसदी की कमी आई है। यूरिया की बात करें तो पिछले साल के मुकाबले 9 फीसदी की गिरावट के साथ बिक्री 49.28 लाख टन रह गई।

    सिर्फ यूरिया ही नहीं बल्कि अन्य उर्वरकों की बिक्री में भी कमी देखी गई है। DAP की बिक्री में 1.4 प्रतिशत की गिरकर के 10.7 लाख टन, MOP की 21 प्रतिशत गिरकर के साथ बिक्री 1.95 लाख टन और कॉम्प्लेक्स खाद की बिक्री में 29 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ आंकड़ा 15.51 लाख टन रह गया है।

    क्यों कम हुई खाद की बिक्री

    अब सवाल ये है कि जहां एक ओर खाद की मारामारी और एक-एक बोरी के लिए संघर्ष की तस्वीरें सामने आती हैं, वहीं इस साल उर्वरकों की बिक्री में कमी क्यों आ रही है। आपको बता दें कि इसका कारण बुवाई के क्षेत्रफल में आई कमी को माना जा रहा है। क्योंकि इस साल अलनीनो के चलते बारिश में भारी गिरावट देखी गई है, जिसके कारण खरीफ की फसलों की बुवाई घटी है।

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    741 में से 338 जिलों में कम बारिश

    IMD के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक देश के 741 में से 338 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत से अधिक बारिश में गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में 1 जून से 12 अगस्त के बीच 485.5 mm बारिश हुई है, जो सामान्य से लगभग 12% कम है। देश के 36 में से 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कम बारिश दर्ज की गई है।