ITC पेमेंट में तेजी पर GST काउंसिल में नहीं बनी बात, अब कमेटी करेगी फैसला
जीएसटी काउंसिल की बैठक में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) भुगतान में तेजी लाने पर राज्यों की असहमति के कारण फैसला नहीं हो सका।

राज्यों की असहमति के कारण फैसला नहीं हो सका। (फाइल फोटो)
HighLights
आईटीसी भुगतान में तेजी पर जीएसटी काउंसिल में राज्यों की असहमति।
इस मुद्दे पर अब एक अधिकारी कमेटी तीन महीने में रिपोर्ट देगी।
दवा निर्माताओं और कुछ सेवाओं को अब आईटीसी का लाभ।
राजीव कुमार (जागरण ब्यूरो), नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की बैठक में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) के भुगतान में तेजी लाने के मामले में राज्यों की तरफ से पूरी तरह सहमत नहीं होने से फैसला नहीं हो सका। अब इनपुट टैक्स क्रेडिट भुगतान को तेज करने के मामले में काउंसिल की तरफ से अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है जो अगले तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट पर चर्चा के बाद काउंसिल की अगली बैठक में इस पर फैसला होगा जिसे अगले साल एक अप्रैल से लागू किया जा सकता है।
अभी इनपुट टैक्स क्रेडिट का भुगतान कारोबारियों तो तब तक नहीं होता है जब तक पूरी सप्लाई चेन के कारोबारी जीएसटी रिटर्न नहीं भर देते हैं। जैसे अगर किसी कारोबारी ने किसी अन्य कारोबारी से कच्चा माल खरीदा और पहले कारोबारी ने तो अपना जीएसटी रिटर्न भर दिया है, लेकिन अगर दूसरे कारोबारी ने रिटर्न नहीं भरा है तो पहले कारोबारी को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलेगा। अगर दूसरा कारोबारी फरार हो जाता है या काम छोड़ देता है तो पहले वाले कारोबारी को इनपुट टैक्स क्रेडिट का भुगतान नहीं होगा।
कई बार एक निर्माता अपना माल बनाने के लिए कई कारोबारी से कच्चा माल खरीदता है और वे सभी अगर अपना रिटर्न नहीं भरते हैं तो उस निर्माता उद्यमी को इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाता है। काउंसिल की बैठक में राज्यों ने कहा कि अभी कारोबारी वैसे ही दूसरे कारोबारी से माल खरीदते हैं जो रिटर्न भरते हैं या वे उन्हें रिटर्न भरने के लिए दबाव बनाते हैं। अगर इस प्रणाली को समाप्त कर दिया जाएगा तो रिटर्न नहीं भरने वाले कारोबारी पर दबाव बनाने या रिटर्न भरने के लिए मजबूर करने की जिम्मेदारी राज्यों की होगी। इस काम में राज्यों के संसाधन खर्च होंगे। राज्य चाहते हैं कि पूरी सप्लाई चेन का रिटर्न आने पर ही इनपुट टैक्स क्रेडिट किया जाए।
यह भी पढ़ें- धड़ाम-धड़ाम हुए अदाणी की कंपनियों के शेयर, अदाणी ग्रीन 10% टूटा; Adani Power भी क्रैश; लिस्ट में और भी नाम
आइटीसी के वर्तमान नियम से निर्माता कारोबारी की पूंजी फंस जाती है
गारमेंट निर्माता और सदर बाजार के थोक कारोबारी श्रीभगवान बंसल ने बताया कि उन्हें इस काउंसिल की बैठक में इनपुट टैक्स क्रेडिट के भुगतान मामले के भी सुलझने की उम्मीद थी। इनपुट टैक्स क्रेडिट भुगतान के वर्तमान के नियम से निर्माता कारोबारियों की पूंजी फंस जाती है। अगर दूसरा कारोबारी रिटर्न नहीं भर रहा है तो उसकी सजा अन्य कारोबारी को क्यों दी जाए।
मशीन और प्लांट पर भी दवा निर्माताओं को मिलेगा आइटीसी
काउंसिल की बैठक में इनवर्टेड ड्यूटी से जुड़े कई आइटम के निर्माताओं को प्लांट व मशीनरी के साथ कुछ सेवाओं के इनपुट टैक्स क्रेडिट के भुगतान को लेकर फैसला किया गया। दवा बनाने वाले निर्माता अपने इनपुट 18 प्रतिशत जीएसटी देकर खरीदते हैं जबकि उनका माल पांच प्रतिश पर बिकता है। अभी इन्हें मशीन व प्लांट की खरीदारी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता था। अब इन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट दिया जाएगा। वैसे ही कई आफिस में पार्टी होने पर कैटरर्स पर लगने वाले जीएसटी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिलता था। इस प्रकार की सेवा पर अब इनपुट टैक्स क्रेडिट दिया जाएगा।
