भारत का पहला बैंक कौन सा था? मुगलों के जमाने में इन विदेशियों ने किया था शुरू; 343 साल बाद आज है देश में नंबर 1
भारत का पहला बैंक 'द मद्रास बैंक' था, जिसकी शुरुआत 1683 में यूरोपीय कारोबारियों ने की थी। यह बैंक बाद ...और पढ़ें

यूरोपीय कारोबारियों ने किया था पहला भारत में पहला बैंक शुरू? (AI फोटो)
HighLights
भारत का पहला बैंक 'द मद्रास बैंक' 1683 में शुरू हुआ
यह बैंक 1955 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बना
यूरोपीय कारोबारियों ने की थी मद्रास बैंक की स्थापना
नई दिल्ली। इस समय भारत में 40 बड़े बैंक कारोबार कर रहे हैं। इनमें 12 पब्लिक सेक्टर बैंक (PSB) हैं, जबकि 21 बैंक प्राइवेट सेक्टर के हैं। इनके अलावा भारत में 7 विदेशी बैंक भी कारोबार कर रहे हैं। साथ ही कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक और पेमेंट्स बैंक भी लोगों को सेवाएं दे रहे हैं।
प्रमुख सरकारी बैंकों में SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे बैंक प्राइवेट सेक्टर के बड़े नाम हैं। भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और को-ऑपरेटिव बैंक भी काम कर रहे हैं। मगर बहुत कम लोग ऐसे होंगे, जिन्हें ये पता हो कि भारत का सबसे पुराना और पहला बैंक कौन-सा है। अगर आप भी नहीं जानते, तो आइए हम बताते हैं।
किसने शुरू किया था पहला बैंक?
भारत का पहला बैंक द मद्रास बैंक था। इस बैंक को सन 1683 में शुरू किया गया था। उस समय भारत के अधिकतर हिस्से पर मुगलों का राज था। इस बैंक को 343 साल पहले यूरोपीय कारोबारियों ने शुरू किया था।
पहुंच गया था बंद होने की कगार पर
1683 में शुरू होने के बाद सन 1806 में द मद्रास बैंक बंद होने की कगार पर पहुंच गया। बल्कि इसे आधिकारिक तौर पर बंद भी कर दिया गया था। मगर फरवरी 1806 में मद्रास बैंक के रूप में फिर से शुरू किया गया, जो फोर्ट सेंट जॉर्ज से काम करता था।
1806 का यह बैंक बाद में 1843 में 'बैंक ऑफ मद्रास' में मिला दिया गया, जो आज के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का शुरुआती रूप था।
सफर है बेहद दिलचस्प
बैंक ऑफ मद्रास आज नहीं है, मगर ये कैसे आज भी जिंदा है वो सफर बहुत दिलचस्प है। बता दें कि 1843 में बैंक ऑफ मद्रास में विलय के बाद इसका मर्जर 1921 में बैंक ऑफ कलकत्ता और बैंक ऑफ बॉम्बे के साथ किया गया। फिर इन तीनों को मिलाकर वजूद में आया था इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया।
इंपीरियल बैंक बना स्टेट बैंक
फिर आया साल 1995, जब इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का नाम बदलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कर दिया गया और तब से ही ये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नाम से कारोबार कर रहा है।
यूरोपियन कारोबारियों के पास था मैनेजमेंट
द मद्रास बैंक की स्थापना यूरोपियन कारोबारियों ने की। इसका अधिकतर मैनेजमेंट भी उन्हीं के पास था। ये कारोबारी तब ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ मिलकर काम करते थे। बैंक के अधिकतर कर्मचारी ब्रिटिश थे। इस बैंक के अधिकतर ऑफिस और ब्रांच मद्रास प्रेसिडेंसी में थे, जबकि हेडक्वार्टर जॉर्ज टाउन (चेन्नई) में था।
