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    बिहार: सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में गुल हुई बिजली, मोबाइल की टॉर्च जलाकर डॉक्टरों ने किया ट्रीटमेंट

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 02:00 AM (GMT+05:30)

    सासाराम सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बिजली गुल होने पर डॉक्टरों को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ा। ...और पढ़ें

    टॉर्च के रोशनी से हो रहा इलाज। (वीडियो ग्रैब)

    टॉर्च के रोशनी से हो रहा इलाज। (वीडियो ग्रैब)

    HighLights

    1. सासाराम अस्पताल इमरजेंसी वार्ड में बिजली गुल हुई।

    2. डॉक्टरों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में इलाज किया।

    3. अस्पताल के पावर बैकअप पर गंभीर सवाल उठे।

    डिजिटल डेस्क, सासाराम (रोहतास)। बिहार के रोहतास जिले के प्रमुख सासाराम सदर अस्पताल के हाइटेक दावों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।

    अस्पताल के 'मॉडल हॉस्पिटल' स्थित इमरजेंसी वार्ड में अचानक बिजली गुल हो जाने के कारण चिकित्सकों को मोबाइल फोन की रोशनी (टॉर्च) के सहारे मरीजों का इलाज और जांच करनी पड़ी।

    टॉर्च की रोशनी में इलाज का वीडियो आया सामने

    मिली जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी वार्ड में जब कई मरीजों का इलाज चल रहा था, तभी अचानक पूरे परिसर की बत्ती गुल हो गई और वार्ड में अंधेरा छा गया।

    बैकअप की तुरंत व्यवस्था न होने के कारण वहां तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मजबूरन अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर ही उपचार प्रक्रिया जारी रखनी पड़ी। घटना से जुड़े सामने आए दृश्यों में स्वास्थ्यकर्मी अंधेरे में मोबाइल की रोशनी के सहारे मरीजों को संभालते नजर आ रहे हैं।

    बैकअप दावों पर उठे गंभीर सवाल

    उल्लेखनीय है कि सासाराम सदर अस्पताल में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। साथ ही, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जनरेटर और अन्य वैकल्पिक पावर बैकअप उपकरण भी मौजूद हैं।

    इसके बावजूद इमरजेंसी जैसे अति-संवेदनशील वार्ड में बिजली कटते ही अंधेरा छा जाना अस्पताल प्रशासन के दावों और पावर बैकअप प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करता है।

    सिविल सर्जन की सफाई

    मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन से जब प्रतिक्रिया मांगी गई तो अधिकारी सीधे तौर पर बचते नजर आए। हालांकि, रोहतास के सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने स्थिति पर सफाई देते हुए कहा कि मेन लाइन से पावर सप्लाई को इन्वर्टर कनेक्शन पर शिफ्ट किया जा रहा था।

    इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए बिजली बाधित हुई थी। उन्होंने दावा किया कि इस अस्थायी बदलाव के बारे में डॉक्टरों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को पहले ही सूचित कर दिया गया था।

    राजद ने भी उठाए सवाल

    इस मामले को लेकर राजद ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं। एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बिहार के मॉडल हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने मोबाइल की रोशनी में किया इलाज!

    सासाराम मॉडल के इमरजेंसी वार्ड में बिजली कटने पर मोबाइल की रोशनी में मरीजों का इलाज हुआ, लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे!

    अब स्वास्थ्य मंत्री बोलेंगे: इसके लिए भी एक AI app बन रहा है!

    सरकार के सारे काम अलग अलग AI apps के सुपुर्द कर दिया जाएं!
    मंत्री जी केवल "स्क्रिप्टेड औचक निरीक्षण" करेंगे और याद कर कर के बढ़िया बढ़िया बाईट देंगे!

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