नीट के होनहारों की आत्महत्या का जिम्मेदार कौन? राजद ने सरकार से पूछा सवाल, बिहार में अपराध पर भी घेरा
राजद ने नीट परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों की आत्महत्याओं के लिए सरकार और एनटीए को जिम्मेदार ठहराया है। पार्टी ने बिहार में नई सरकार के कार्यकाल में ...और पढ़ें

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव। फाइल फोटो
HighLights
नीट रद्द होने से छात्रों की आत्महत्याएं बढ़ीं।
राजद ने एनटीए और सरकार को ठहराया जिम्मेदार।
बिहार में नई सरकार में अपराधों में वृद्धि।
राज्य ब्यूरो, पटना। राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन का कहना है कि व्यवस्था की कोताहियों से भविष्य कैसे आहत होता है, इसका उदाहरण नीट रद होने के बाद होनहारों के सुसाइड नोट हैं।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में लखीमपुर-खीरी के 21 वर्षीय रितिक मिश्रा ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था, 'अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा'।
प्रवक्ता के मुताबिक, तीन वर्षों से नीट यूजी का तैयारी कर रही दिल्ली की अंशिका पाण्डेय ने परीक्षा रद होने की खबर सुनकर आत्महत्या कर ली। इसी प्रकार गोवा में भी एक छात्र की आत्महत्या करने की खबर है। प्रश्न यह कि इसके लिए वास्तव में जिम्मेदार कौन है?
उन्होंने कहा कि वस्तुत: एनटीए का गठन ही सत्ता से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए हुआ है। राजस्थान में एक परिवार के पांच बच्चों का चयन सरकारी मेडिकल कालेज में हो गया, जबकि उन सबका एकेडमिक करियर काफी खराब रहा है। 2025 में हुए नीट यूजी के संबंध में अब तक कोई प्रश्न नहीं उठा था, पर उस परिवार के तीन बच्चे तो 2025 में ही सफल हुए थे!
राजद का आरोप, अपराधियों का कहर चहुंओर
राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव का आरोप है कि नई सरकार के एक माह के कार्यकाल में अपराधियों का कहर चहुंओर बढ़ गया है। राज्य में हत्या, लूट, चोरी-डकैती और दुष्कर्म की घटनाएं आम हैं।
ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधियों में शासन-प्रशासन का भय ही नहीं रहा। राजधानी पटना तक में लोग सुरक्षित नहीं। पिछले सप्ताह दर्जनों हत्या, लूट, चोरी-डकैती और चेन स्नेचिंग की घटनाएं इसका प्रमाण हैं।
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