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'15 हजार के गमले लगवाओ', पटना हाई कोर्ट की अनोखी शर्त पर शराब मामले के आरोपी को मिली जमानत

Published: Tue, 08 Sep 2026 07:28 PM (IST)

पटना हाई कोर्ट ने बिहार मद्यनिषेध अधिनियम के एक मामले में अनोखी शर्त पर अग्रिम जमानत दी है। आरोपी को ...और पढ़ें

शराबबंदी मामले में पटना हाई कोर्ट का अनोखा फैसला, जमानत के लिए फूलों के गमले लगाने का आदेश (AI Generated Image)

शराबबंदी मामले में पटना हाई कोर्ट का अनोखा फैसला, जमानत के लिए फूलों के गमले लगाने का आदेश (AI Generated Image)

HighLights

  1. पटना हाई कोर्ट ने शराबबंदी मामले में अग्रिम जमानत दी।

  2. आरोपी को खगड़िया कोर्ट में फूल के गमले लगाने का आदेश।

  3. जमानत के लिए 15,000 रुपये का योगदान करने की शर्त।

विधि संवाददाता, पटना। बिहार मद्यनिषेध अधिनियम के एक मामले में पटना हाई कोर्ट ने अनोखी शर्त के साथ अग्रिम जमानत मंजूर की है। अदालत ने आरोपी को खगड़िया सिविल कोर्ट परिसर में फूलों के गमले लगाने के लिए पंद्रह हज़ार रुपये का योगदान करने का निर्देश दिया।

न्यायाधीश राजीव राय की एकल पीठ ने खगड़िया के सलारपुर निवासी उत्तम कुमार को अग्रिम जमानत दी। कुमार पर परबत्ता थाना कांड संख्या 259/2026 के तहत बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(ए) का मामला दर्ज है।

आरोप है कि एक खुले मैदान से 81.450 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई थी। 30 जून 2026 को गुप्त सूचना पर पुलिस ने छापा मारा और शराब जब्त की। बचाव पक्ष का तर्क था कि आरोपी के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर उसे नामजद किया गया।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ब्रजेश वर्मा ने तर्क दिया कि शराब खुले मैदान से मिली है, न कि आरोपित के सचेत कब्जे से। उन्होंने फुल बेंच फैसले का हवाला दिया, जिसमें ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत की अनुमति दी गई है।

अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए यह शर्त रखी कि याचिकाकर्ता डीएलएसए, खगड़िया को 15,000 रुपये का योगदान (फूलों के गमले लगाने के लिए), करेगा इसके साथ ही अन्य शर्तों का भी पालन करेगा।

अभियोजन पक्ष ने पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का हवाला देकर विरोध किया था, लेकिन अदालत ने कानूनी पहलुओं को प्राथमिकता दी।

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