Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार के 4 डिग्री कॉलेजों की मान्यता रद, उच्च शिक्षा विभाग ने लिया एक्शन

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 08:52 PM (IST)

    उच्च शिक्षा विभाग ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के चार डिग्री कॉलेजों की संबद्धता रद कर दी है, जिससे उनकी मान्यता समाप्त हो गई है। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. चार डिग्री कॉलेजों की संबद्धता रद्द, मान्यता समाप्त।

    2. सीनेट-सिंडिकेट अनुमोदन के बिना अनुशंसा भेजने का मामला।

    3. छात्रों का नामांकन अब नजदीकी कॉलेजों में होगा।

    राज्य ब्यूरो, पटना। उच्च शिक्षा विभाग ने चार डिग्री कालेजों की संबद्धता को वापस ले लिया है। संबद्धता (एफलिएशन) वापस होने के साथ ही चारों डिग्री कॉलेजों की मान्यता समाप्त हो गयी है।

    चारों डिग्री कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का नामांकन (एडमिशन) एवं पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) नजदीकी महाविद्यालयों से किया जाएगा।

    इन कॉलेजों की मान्यता वापस

    जिन कॉलेजों की संबद्धता समाप्त की गयी है वे जयप्रकाश विश्वविद्यालय के हैं। इनमें आर. डी. एम. डिग्री कॉलेज राठौर टोला (छपरा), डॉ. भूषण प्रसाद यादव डिग्री कॉलेज महमदा (सारण), को-आपरेटिव डिग्री कॉलेज सकड्डी कोढ़ (सारण) और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर डिग्री कॉलेज बड़हरिया (सीवान) शामिल हैं।

    इस वजह से संबद्धता वापस

    इन डिग्री कॉलेजों का एफलिएशन वापस लिए जाने के कारण के बारे में बताया गया कि इनके द्वारा सीनेट-सिंडीकेट के विधिवत अनुमोदन के बिना ही अनुशंसा (प्रस्ताव) उच्च शिक्षा विभाग को की गयी थी।

    इसका खुलासा उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में किया है। चारों कॉलेजों का एफलिएशन वापस लेने की सूचना उच्च शिक्षा विभाग ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय को दी है।

    विभाग के उप सचिव शिशिर कुमार मिश्र के हस्ताक्षर से विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव को दिये गये पत्र में कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच समिति की जांच रिपोर्ट एवं विभागीय निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित कॉलेजों के संबंधन हेतु सीनेट-सिंडीकेट के विधिवत अनुमोदन के बिना अनुशंसा-प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किया गया था।

    यह भी पढ़ें- बिहार में सब्जी कारोबार को मिलेगी नई रफ्तार, 106 करोड़ की योजनाओं से खेत से बाजार तक मजबूत होगा पूरा नेटवर्क