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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीएम उम्मीदवार के लिए नीतीश का नाम उछला तो बेचैन हुई कांग्रेस

By Kajal KumariEdited By:
Updated: Sat, 18 Mar 2017 10:16 PM (IST)

एनडीए विरोधी पार्टियों के बीच बीजेपी को अगले लोकसभा चुनाव में मात देने के लिए एकजुट होने की कवायद शुरू हो गयी है। पीएम पद के लिए नीतीश कुमार की उम्मीदवारी से कांग्रेस परेशान है।

पीएम उम्मीदवार के लिए नीतीश का नाम उछला तो बेचैन हुई कांग्रेस
पीएम उम्मीदवार के लिए नीतीश का नाम उछला तो बेचैन हुई कांग्रेस

 पटना [राज्य ब्यूरो]। उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में बड़ी पराजय के बाद उदासी में डूबी बिहार कांग्रेस अभी ठीक से संभल भी नहीं पाई थी कि जदयू का मिशन 2019 उसे झटका दे रहा। जदयू ने फिर नीतीश कुमार का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए उछाल दिया है। इसमें राजद का समर्थन है। अन्य बीजेपी विरोधी दल भी नीतीश के समर्थक हैं। दिक्कत में फंस गई है कांग्रेस।

नीतीश कुमार की स्वच्छ छवि और अच्छे काम का फायदा उठाने के लिए बिहार में उनके साथ खड़ी कांग्रेस अब खुलकर उनकी उम्मीदवारी का विरोध नहीं कर पा रही। अंदर-अंदर पार्टी के नेता बेचैन हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और नीतीश मंत्रिमंडल के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी साफ शब्दों में न तो नीतीश के नाम का विरोध कर पा रहे, न समर्थन।

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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की हार पर वे कहते हैं कि लोकतंत्र में हार जीत होती रहती है। फिलहाल लोकसभा चुनाव में काफी विलंब है, जब उचित समय आएगा इस संबंध में महागठबंधन में शामिल नेता दल आपस में बैठकर विमर्श करेंगे। इस संबंध में कांग्रेस के अन्य नेता मुंह खोलने को तैयार नहीं है। 

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पहले खुलकर विरोध करती थी कांग्रेस 
जानकार कहते हैं कि उत्तर प्रदेश चुनाव में हार ने कांग्रेस नेताओं के आत्मविश्वास को हिलाया है। इसके पहले बिहार में जब भी नीतीश कुमार को नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाने की आवाज उठी तो कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया।
कुछ दिनों पूर्व खुद राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने दावा किया था कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्र मोदी के सामने कोई चेहरा यदि है, तो वह नीतीश कुमार का है। इसके बाद बिहार कांग्रेस ने ताबड़तोड़ बयान जारी किए।
बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी और पार्टी विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री पद का कोई उम्मीदवार है, तो हैं राहुल गांधी। बिहार कांग्रेस के प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. सीपी जोशी ने भी नीतीश कुमार की दावेदारी को खारिज कर दिया था। इस बार कांग्रेस के सुर बदले हैं। 
राहुल के विदेश दौरे के बाद रणनीति बनेगी 
प्रदेश कांग्रेस के सूत्र कहते हैं कि फिलहाल कांग्रेस बेचैनी के दौर से गुजर रही। खराब नतीजों का झटका लगा है। उबरने में समय लगेगा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विदेश दौरे से लौटने के बाद 2019 के चुनाव को लेकर रणनीति बनेगी। तब तक गठबंधन धर्म निभाते हुए नीतीश का खुलकर विरोध नहीं किया जाएगा।