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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

BSSC SCAM में बड़ा खुलासा, कई मंत्रियों व विधायकों के नाम उजागर

By Kajal KumariEdited By:
Updated: Sat, 18 Mar 2017 10:12 PM (IST)

बीएसएससी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पूर्व सचिव परमेश्‍वर राम के मोबाइल डाटा से कई बड़े चेहरे बेनकाब हुए हैं। आरोप है कि कई मंत्रियों और विधायकों ने परमेश्वर से पैरवी की है।

BSSC SCAM में बड़ा खुलासा, कई मंत्रियों व विधायकों के नाम उजागर
BSSC SCAM में बड़ा खुलासा, कई मंत्रियों व विधायकों के नाम उजागर

पटना [जेएनएन]। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) पेपर लीक मामले में आयोग के पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाइल डिटेल्स की जांच में कई बड़े नाम सामने आए हैं। आरोप है कि उन लोगों ने अपने करीबियों व रिश्तेदारों की नियुक्ति के लिए परमेश्‍वर से पैरवी की थी।

पेपर लीक कांड में में सिर्फ परमेश्वर और गुरुजी जैसे लोग ही शामिल नहीं हैं। इस कांड में सियासी जगत के बड़े नाम जैसे महागठबंधन और एनडीए सरकार के मंत्री, कई विधायक और नौकरशाह भी शामिल हैं।

इस पूरे मामले में बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री आलोक मेहता, राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह, विधि मंत्री कृष्णनंदन वर्मा, मुजफ्फरपुर से भाजपा विधायक  सुरेश कुमार शर्मा, विभूतिपुर से जदयू विधायक रामबालक सिंह के नाम सामने आ रहे हैं।

ये सारे नाम बीएसएससी पेपर लीक कांड में बतौर पैरवीकार शामिल हैं। ये खुद पटना पुलिस की एसआईटी ने अपनी जांच में पाया है।

परमेश्वर राम के अनुसार उन्‍होंने फोन कॉल और मैसेज कर पैरवी करवाई थी। उत्तर बिहार के एक पूर्व सांसद ने भी सचिव को कई बार पैरवी की थी।

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आपको बता दें कि बीएसएससी के तत्कालीन सचिव परमेश्वर राम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। इसके बाद जब मोबाइल को आईटी एक्सपर्ट्स ने खंगाला तो सेलफोन ने ये सारे बड़े नाम उगल दिए। इन सभी नामचीनों ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर अपने कैंडिडेट्स की पैरवी के लिए परमेश्वर राम को मैसेज किया।

इसमें एक मैसेज तो राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह का है जिसमें उन्होंने परमेश्वर को कहा है कि आज ही दोपहर 2 बजे से काउंसलिंग है, ये कैंडिडेट अपने घर के लोग हैं, इन्हें मैसेज भिजवा दीजिए। यानि परमेश्वर राम को सीधा इशारा किया गया कि कहे हुए कैंडिडेट्स की नौकरी होने के रास्ते में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।

पैरवी करने वाले नौकरशाहों में डीआरडीए पटना के अवदेश राम, ओएसडीशंकर प्रसाद और पीए अरुण पाठक के नाम भी शामिल हैं।

आपको बता दें कि ये नाम परमेश्वर राम के मोबाइल से मिले हैं। इसी के आधार पर बीएसएससी पेपर लीक कांड की जांच कर रही एसआईटी ने अपनी केस डायरी तैयार की। यही नाम केस डायरी में पैरवीकारों के मोबाइल नंबर और मैसेज के साथ साफ-साफ लिखे गए हैं।

विदित हो कि बीएसएससी पेपर लीक कांड में राज्य के पूर्व मंत्री के अलावा विधायक, पूर्व सांसद के नाम का खुलासा होने की बात कही जा रही थी। लेकिन, इसका खुलासा परमेश्वर राम के मोबाइल डाटा के रिकवर होने के बाद हो सका है। सूत्र बताते हैं कि एसआइटी ने  यह डाटा मोबाइल सॉफ्टवेयर की  मदद से रिकवर किया है।

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