बिहार की कमाई ने पकड़ी रफ्तार, जुलाई तक खजाने में आए 19,253 करोड़; पिछले साल से 18% ज्यादा
बिहार में चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में राजस्व संग्रह में 18% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जुलाई तक 19,253 करोड़ रुपये तक पहुंच गया ह ...और पढ़ें

राजस्व बढ़ाने पर सरकार का फोकस
HighLights
जुलाई तक बिहार का राजस्व संग्रह 19,253 करोड़ रुपये रहा।
पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में 18% की वृद्धि हुई।
उप मुख्यमंत्री ने संग्रह में तेजी लाने के निर्देश दिए।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में राजस्व संग्रह में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई 2026 तक राज्य के प्रमुख राजस्व संग्रह विभागों ने कुल 19,253 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में हुए संग्रह की तुलना में यह करीब 18 प्रतिशत अधिक है।
सोमवार को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई।
छह प्रमुख विभागों से जुटे 19 हजार करोड़
वाणिज्य-कर, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, परिवहन, खनन एवं भूतत्व तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जरिए यह राजस्व संग्रह किया गया है।
इन विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने संग्रह से जुड़ी प्रगति की जानकारी दी। पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ी राशि को राज्य के राजस्व संग्रह में सकारात्मक वृद्धि के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले साल से 18 प्रतिशत ज्यादा संग्रह
चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई तक हुआ राजस्व संग्रह पिछले वर्ष की समान अवधि से लगभग 18 प्रतिशत अधिक है। सरकार की ओर से राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए लगातार विभागवार समीक्षा की जा रही है।
इससे वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने और विकास योजनाओं के लिए राज्य की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
वित्त मंत्री ने और तेजी लाने का दिया निर्देश
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने अधिकारियों को राजस्व संग्रह की गति और तेज करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विभाग निर्धारित समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए काम करें। अधिकारियों को कार्यकुशलता बढ़ाने और राजस्व संग्रह के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार निगरानी रखने को कहा गया।
राजस्व बढ़ाने पर सरकार का फोकस
बैठक में राजस्व संग्रह से जुड़े विभागों के प्रदर्शन की विस्तार से समीक्षा की गई। सरकार की कोशिश है कि राजस्व के स्रोतों को मजबूत किया जाए और संग्रह की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
अधिकारियों को मौजूदा व्यवस्था में सुधार के साथ संभावित राजस्व स्रोतों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों से लक्ष्य के अनुरूप काम करने को कहा
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर निर्धारित कार्यों को पूरा करने और राजस्व संग्रह में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने को कहा।
उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने पर भी जोर दिया। राजस्व संग्रह की लगातार समीक्षा कर कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में सुधार करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह और सचिव (व्यय) रचना पाटिल के साथ संबंधित विभागों के प्रधान सचिव और सचिव मौजूद रहे।
अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों के राजस्व संग्रह की स्थिति और आगे की कार्ययोजना की जानकारी दी। सरकार ने आने वाले महीनों में भी राजस्व संग्रह की रफ्तार बनाए रखने और इसे और बढ़ाने पर जोर दिया।
यह भी पढ़ें- पटना मेट्रो को मिली 628 करोड़ की रफ्तार, निर्माण कार्यों के लिए सब्सिडी राशि मंजूर