'भारत बिना वजह नहीं लड़ता, लेकिन आंख दिखाई तो मुंहतोड़ जवाब देगा; तिरंगा यात्रा में बोले CM सम्राट चौधरी
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में तिरंगा यात्रा निकाली गई। सीएम ने तिरंगे के महत्व को बताते हुए कहा कि ...और पढ़ें

तिरंगा यात्रा के दौरान सम्राट चौधरी और अन्य बीजेपी नेता। फोटो जागरण
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व किया।
उन्होंने तिरंगे के रंगों का महत्व और भारत की शक्ति बताई।
राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर सरकार सख्त, 21 लाख झंडों का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, पटना। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बिहार में 'तिरंगा यात्रा' की शुरुआत सोमवार को पटना से की गई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में गांधी मैदान से कारगिल चौक तक यात्रा का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों के साथ-साथ सीएम एवं अंत मंत्रीगण झंडा लेकर सड़कों पर चले। यात्रा की शुरुआत करने से पहले गांधी मैदान में सभा को संबोधित करते हुए।
सीएम सम्राट चौधरी ने तिरंगे के रंगों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि केसरिया रंग साहस, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। सफेद रंग शांति का संदेश देता है, जो यह दर्शाता है कि भारत दुनिया से बिना वजह नहीं लड़ता, लेकिन यदि कोई आंख दिखाता है, तो भारत के लोग उससे लड़ने और मुंहतोड़ जवाब देने का पूरा सामर्थ्य रखते हैं।
तीसरा हरा रंग देश की निरंतर बढ़ती समृद्धि का प्रतीक है। तिरंगा केवल तीन रंगों का ध्वज नहीं है, बल्कि यह हमारे लोकतंत्र, एकता, अखंडता और संप्रभुता का सर्वोच्च प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यदि हमारे पूर्वजों ने अपना जीवन नहीं दिया होता, तो 78 साल पहले हम आजाद नहीं होते। यह तिरंगा हमारे जीने और मरने का स्वाभिमान है।
उन्होंने भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि आज हम दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में चौथे स्थान पर पहुंच चुके हैं।
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए कहा कि 2047 तक भारत को दुनिया का सबसे ताकतवर और समृद्ध देश के रूप में स्थापित करना है।
राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान पर सरकार सख्त
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि स्वाभिमान और राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि पिछले दिनों जिन लोगों ने 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों को अपमानित करने का प्रयास किया था, सरकार ने उन्हें दंडित करने के लिए कड़े कानून बनाने का काम किया है।
21 लाख झंडों का लक्ष्य और जनभागीदारी की अपील
इस अभियान को एक बड़ा जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने बिहार की 14 करोड़ जनता से इसमें भागीदार बनने की अपील की। कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में लगभग 21 लाख झंडे इस अभियान से जोड़े गए हैं।
खबरें और भी
इसके साथ ही, नगर विकास और पंचायती राज विभाग द्वारा इस महाभियान को पंचायत, नगर निकाय और जिला स्तर तक ले जाया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से विशेष रूप से आग्रह किया कि वे यात्रा में शामिल होने के साथ-साथ अपने घरों और समाज में भी गर्व से तिरंगा फहराएं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित विशाल जनसमूह के साथ गांधी मैदान से कारगिल चौक तक यात्रा की शुरुआत की गई और युवा पीढ़ी से अपील की गई कि वे 78 वर्ष पूर्व महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिए गए इस राष्ट्रीय गौरव की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहें।