संसद में गरजे भागलपुर MP अजय मंडल, केंद्र बोली- जरूरत से 127% अधिक मिला यूरिया; 15 हजार MT का बफर स्टॉक भी तैयार
भागलपुर के किसानों को खरीफ सीजन में यूरिया की कमी नहीं होगी, क्योंकि जिले को अनुमानित आवश्यकता से 127% अधिक यूरिया मिला है। केंद्र सरकार ने 15 हजार मी ...और पढ़ें

भागलपुर सांसद अजय मंडल के सवाल पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री ने संसद में दी लिखित जानकारी
HighLights
भागलपुर को जरूरत से 127% अधिक यूरिया मिला।
जिले में 15 हजार मीट्रिक टन यूरिया का बफर स्टॉक।
कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। खरीफ सीजन में भागलपुर जिले के किसानों को यूरिया व अन्य उर्वरकों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। संसद में भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल द्वारा उठाए गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि जिले में अनुमानित आवश्यकता से 127 प्रतिशत अधिक यूरिया की आपूर्ति कराई जा चुकी है। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले में 15 हजार मीट्रिक टन से अधिक यूरिया का सुरक्षित भंडार (बफर स्टॉक) भी रखा गया है।
संसद में प्रश्न संख्या 3300 का जवाब देते हुए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए भागलपुर जिले में 11,591 मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता का आकलन किया गया था। इसकी तुलना में अब तक 14,665 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा डीएपी, एनपीके व अन्य उर्वरक भी पर्याप्त मात्रा में भेजे जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद रूस व सऊदी अरब से दीर्घकालिक समझौते
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में उछाल जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय किसानों को खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
इसके लिए भारत सरकार ने रूस, जर्मनी और सऊदी अरब जैसे प्रमुख देशों के साथ दीर्घकालिक समझौते किए हैं, जिससे देशभर में उर्वरकों की निर्बाध सप्लाई लाइन बनी हुई है।
बरौनी HURL प्लांट से बिहार को प्राथमिकता
सरकार ने बताया कि बेगुसराय के बरौनी स्थित एचयूआरएल (HURL) यूरिया संयंत्र के पुनरुद्धार से बिहार को प्राथमिकता के आधार पर यूरिया मिल रहा है। देश में स्वदेशी यूरिया उत्पादन बढ़कर 269.42 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
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IFMS से कालाबाजारी पर रोक
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने और कालाबाजारी रोकने के लिए एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS) के माध्यम से जिला व प्रखंड स्तर तक डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसानों को सरकारी दर पर ही खाद मिले।
सांसद अजय कुमार मंडल ने कहा कि भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के किसानों का हित उनके लिए सर्वोपरि है। वे संसद में किसानों के मुद्दे लगातार उठाते रहेंगे। उन्होंने किसानों से किसी भी तरह की अफवाह में न आने की अपील की है।