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    बांकीपुर उपचुनाव: 'स्कूल का बस्ता' लेकर मैदान में उतरी जन सुराज, BJP के ख‍िलाफ आयोग पहुंची पार्टी

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 03:15 PM (IST)

    जन सुराज पार्टी को बांकीपुर उपचुनाव के लिए 'स्कूल का बस्ता' चुनाव चिह्न मिला है, जिसके बाद पार्टी ने प्रचार तेज कर दिया है। पार्टी ने भाजपा पर आदर्श आ ...और पढ़ें

    चुनाव आयोग को ज्ञापन देने पहुंचे जन सुराज के प्रदेश अध्‍यक्ष मनेाज भारती।

    चुनाव आयोग को ज्ञापन देने पहुंचे जन सुराज के प्रदेश अध्‍यक्ष मनेाज भारती।

    HighLights

    1. जन सुराज को बांकीपुर उपचुनाव में 'स्कूल का बस्ता' चिह्न मिला।

    2. पार्टी ने भाजपा पर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया।

    3. चुनाव आयोग से भ्रामक पोस्टर व बैनर हटाने की शिकायत की।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग की ओर से शुक्रवार को प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए।
     
    जन सुराज पार्टी को इस उपचुनाव में 'स्कूल का बस्ता' चुनाव चिह्न मिला है। चुनाव चिह्न मिलने के बाद पार्टी ने चुनाव प्रचार तेज करने के साथ ही भाजपा पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

    शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पटना में प्रेसवार्ता कर चुनाव चिह्न की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) से मुलाकात की है। 

    चुनाव आयोग को सौंपा ज्ञापन 

    उन्‍हें चार बिंदुओं वाला ज्ञापन सौंपा है। मनोज भारती ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से पटना के कई प्रमुख चौराहों पर प्रशांत किशोर को लेकर भ्रामक और असत्य पोस्टर लगाए गए हैं।

    उनका कहना था कि यह सीधे तौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है और इससे मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि पार्टी ने इस पूरे मामले से चुनाव आयोग को अवगत कराया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    पोस्टर-बैनर हटाने का भी लगाया आरोप

    जन सुराज प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की सहमति से उनके घरों पर पार्टी के पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं, उन्हें भाजपा कार्यकर्ता जबरन हटा रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया कि पोस्टर हटाने वाले लोग खुद को नगर निगम का कर्मचारी बताते हैं, लेकिन पहचान पत्र (आई-कार्ड) मांगने पर वहां से भाग जाते हैं।

    साथ ही बिना मकान मालिक की अनुमति के भाजपा के झंडे और पोस्टर लगा दिए जाते हैं। इस शिकायत को भी चुनाव आयोग के समक्ष रखा गया है।

    जीविका दीदियों और अर्धसैनिक बलों को लेकर भी जताई चिंता

    मनोज भारती ने कहा कि वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान कई स्थानों पर जीविका दीदियों का उपयोग मतदान केंद्रों के बाहर और कुछ जगहों पर बूथ के अंदर किए जाने की शिकायतें सामने आई थीं।

    उन्होंने मांग की कि इस बार ऐसी स्थिति दोबारा न बनने दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अर्धसैनिक बलों की तैनाती बूथों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए होती है।

    लेकिन पिछले चुनाव में कई जगहों पर उन्हें मतदान केंद्रों के अंदर भी कार्य कराते देखा गया था। ऐसी किसी भी प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। 

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