जन सुराज में बढ़ी टूट या BJP का मास्टरस्ट्रोक? IPS रहे आनंद मिश्रा के बाद प्रो. केसी सिन्हा ने छोड़ा PK का साथ
जन सुराज के तीन पूर्व प्रत्याशी प्रो. केसी सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह अपनी पत्नियों के साथ भाजपा में शामिल हो गए। इसे प्रशांत किशोर की पार्टी ज ...और पढ़ें

प्रो. केसी सिन्हा को भाजपा की सदस्यता दिलाते प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी।
HighLights
जन सुराज के तीन पूर्व प्रत्याशी भाजपा में शामिल हुए।
प्रो. केसी सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह ने भाजपा जॉइन की।
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को बड़ा झटका लगा।
राज्य ब्यूरो, पटना। 2025 के विधानसभा चुनाव में कुम्हरार, दीघा और मनेर विधानसभा सीटों से जन सुराज के प्रत्याशी रहे प्रो. केसी सिन्हा, बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
इनके साथ बिट्टू सिंह की पत्नी विनीता सिंह ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। विनीता पटना नगर निगम के मेयर पद का चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई और उनका स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर विश्वास जताकर लगातार विभिन्न दलों के नेता पार्टी से जुड़ रहे हैं।
जन सुराज के लिए बड़ा झटका
राजनीतिक दृष्टि से इस घटनाक्रम को जन सुराज पार्टी और उसके सूत्रधार प्रशांत किशोर के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इसे भाजपा का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
खास बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब प्रशांत किशोर स्वयं बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार हैं और पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजधानी पटना की राजनीति में प्रभाव रखने वाले नेताओं के भाजपा में शामिल होने से उपचुनाव के समीकरणों पर असर पड़ सकता है।
प्रो. केसी सिन्हा की अलग पहचान
भाजपा में शामिल हुए प्रो. केसी सिन्हा बिहार के शिक्षा जगत का बड़ा नाम माने जाते हैं। भोजपुर जिले के रहने वाले प्रो. सिन्हा ने बीएससी और एमएससी दोनों में स्वर्ण पदक हासिल किया था।
बाद में वे पटना साइंस कॉलेज में गणित के प्रोफेसर बने। गणित विषय पर उनकी 70 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
ये बिहार सहित देशभर के प्रतियोगी परीक्षार्थियों और विद्यार्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। इसी शैक्षणिक पहचान के कारण उनका सामाजिक प्रभाव भी व्यापक माना जाता है।
2025 में जन सुराज के टिकट पर लड़ा था चुनाव
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रो. केसी सिन्हा ने जन सुराज के टिकट पर कुम्हरार सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि वे तीसरे स्थान पर रहे।
इस सीट पर भाजपा के संजय कुमार विजयी हुए थे, जबकि कांग्रेस के इंद्रदीप चंद्रवंशी दूसरे स्थान पर रहे थे। दीघा से बिट्टू सिंह और मनेर से गोपाल सिंह भी जन सुराज के उम्मीदवार थे।
अब तीनों नेताओं का भाजपा में शामिल होना जन सुराज के संगठनात्मक ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
आनंद मिश्रा के बाद एक और बड़ा पलायन
इससे पहले भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए आनंद मिश्रा भी जन सुराज का साथ छोड़ भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बाद में वे भाजपा के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आगामी दिनों में जन सुराज के कुछ और प्रमुख नेता भी पार्टी छोड़ सकते हैं। ऐसे में विधानसभा उपचुनाव के बीच लगातार हो रही यह राजनीतिक हलचल प्रशांत किशोर के लिए चुनौती मानी जा रही है।
बांकीपुर उपचुनाव में बढ़े सियासी मायने
बांकीपुर विधानसभा सीट सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस सीट पर कायस्थ मतदाताओं की अच्छी संख्या है।
ऐसे में समाज के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् प्रो. केसी सिन्हा का भाजपा में शामिल होना चुनावी रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
भाजपा इसे अपने पक्ष में सकारात्मक संदेश के रूप में देख रही है, जबकि जन सुराज के लिए यह उपचुनाव से पहले संगठनात्मक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तर पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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