BPSC AEDO Exam 2026 में धांधली का खुलासा, नालंदा में Answer Key के साथ 3 गिरफ्तार
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी परीक्षा में नालंदा के सोहसराय में गड़बड़ी का प्रयास विफल हुआ। एक महिला अभ्यर्थी और बायोमेट्रिक ...और पढ़ें

नालंदा में तीन गिरफ्तार। सांकेतिक फोटो

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी की परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश को नाकाम कर दिया गया।
शनिवार को सोहसराय थाना क्षेत्र के पीएल साहू प्लस टू उच्च विद्यालय परीक्षा केन्द्र से एक अभ्यर्थी व बायोमेट्रिक जांच करने वाली एजेंसी के दो कर्मियों को आंसर की(उत्तरों की सूची या पूर्जा) के साथ पकड़ा गया।
दरअसल, बायोमेट्रिक जांच करने वाले तकनीकी कर्मियों पर ही पूरी साजिश रचने की आशंका जतायी जा रही है। गिरफ्तार लोगों में नूरसराय थाना क्षेत्र के रहने वाले बायेमेट्रिक एजेंसी के सुपरवाइजर चंदन कुमार व ऑपरेटर राहुल कुमार शामिल है। महिला अभ्यर्थी पटना जिला के बहादुरपुर निवासी श्वेता कुमारी को परीक्षा से निष्काषित कर दिया गया है।
सत्यापन के दौरान दिया आंसर की
जांच अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी के कर्मियों ने बायोमेट्रिक मशीन के होलोग्राम के भीतर Answer Key छुपाकर रखा था। जैसे ही अभ्यर्थी उनके पास सत्यापन के लिए पहुंची, कर्मियों ने उसे पुर्जा दे दिया।
वहां मौजूद अधिकारियों को संदेह हुआ तो अभ्यर्थी की जांच की। जांच में उसके पास से पुर्जा बरामद हो गया। इसके बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
कहां से मिले उत्तर?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा के पहले ही कर्मियों को सवालों के उत्तर कहां से मिल गए? नालंदा पुलिस ने प्रेस बयान जारी कर बताया है कि केन्द्राधीक्षक के आवेदन पर सोहसराय थाना में प्राथमिकी करायी गयी है।
तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कोर्ट में प्रस्तुत कर दिया गया है। इस बात की जांच हो रही है कि कर्मियों के पास उत्तर पुस्तिका कहां से आई? कितने रुपये में सेटलमेंट हुआ था? इस गिरोह में कौन सा सॉल्वर गैंग जुड़ा है? सिर्फ एक ही अभ्यर्थी से सेटिंग की गयी थी या और भी ऐसे अभ्यर्थी थे।
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आधे से अधिक रहे अनुपस्थित
शिक्षा विभाग द्वारा आंकड़ों के अनुसार जिले के 15 केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में आधे से अधिक अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में 9732 परीक्षार्थियों में से केवल 4285 ही उपस्थित हुए। दूसरी पाली में यह संख्या घटकर 4250 रह गई। पूरे जिले में केवल इसी केंद्र पर कदाचार का मामला सामने आया है।