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    बिहार में AEDO परीक्षा पास कराने के लिए 15-20 लाख में होती थी डील, मास्टरमाइंड सहित 22 लोग दबोचे गए

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 11:13 AM (GMT+05:30)

    मुंगेर में बीपीएससी सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) परीक्षा में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से 15-20 ल ...और पढ़ें

    मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचे रैकेट के सदस्य। (जागरण)

    मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचे रैकेट के सदस्य। (जागरण)

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    संवाद सहयोगी, मुंगेर। बीपीएससी की ओर से 14 और 15 अप्रैल को मुंगेर के 20 परीक्षा केंद्र पर आयोजित सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) की परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़ा गिरोह का खुलासा हुआ है।

    परीक्षा पास कराने के नाम पर आवेदकों से 15 से 20 लाख रुपये वसूले गए। अभ्यर्थियों ने अग्रिम के रूप में कुछ रकम भी मास्टर माइंड के खाता में भेजा था। इसका खुलासा पुलिस और प्रशासन की संयुक्त छापेमारी में हुआ।

    फर्जीवाड़ा मामले में एक सरगना, तीन लाइनर और 18 आवेदकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। सभी के विरुद्ध डीईओ के आवेदन पर मुफ्फसिल थाना में बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

    इसमें मास्टर माइंड मुफ्फसिल थानान्तर्गत भगतचौकी निवासी सूजल कुमार, लाइनर पटना निवासी समीर कुमार, धरहरा के लड़ैयाटांड़ थानान्तर्गत बंगलवा निवासी प्रियांशू कुमार और भागलपुर के कहलगांव निवासी प्रशांत कुमार शामिल है।

    इसके अलावा परीक्षा केंद्र से 18 परीक्षार्थी को भी गिरफ्तार किया गया है, जो मास्टर माइंड की मिलीभगत से परीक्षा देने पहुंचे थे। सभी लाइनर को सोमवार की रात होटल से तथा मास्टर माइंड सूजल को उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

    गिरफ्तार रैकेट के सभी सदस्यों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। इस फर्जीवाड़े में अभी मुंगेर का मास्टर माइंड और लाइनर ही गिरफ्तार हुआ है। इनके पास से बरामद मोबाइल में एक वॉट्सऐप ग्रुप भी पुलिस को मिला है, जिसमें सैकड़ों एडमिट कार्ड पाए गए हैं, जो दूसरे जिलों के बताए जाते हैं।

    ADEO Exam Fraud

    मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचे रैकेट के सदस्य।(जागरण)

    पुलिस मास्टर माइंड के मोबाइल से मिले वॉट्सऐप ग्रुप को खंगालने में जुटी है। जल्द ही इस मामले में बड़े रैकेट का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। शहर में संचालित एक कोचिंग सेंटर की भूमिका भी इस गोरखधंधे में सामने आई है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।

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    बायोमिट्रिक के समय फर्जीवाड़ा

    एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि मास्टर माइंड सूजल परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से रकम लेता था। इसके लिए वह अपने अधीन तीन लाइनर क्रमश: समीर, प्रियांशू और प्रशांत से काम कराता था।

    परीक्षा केंद्र पर बायोमिट्रिक करने वाले ऑपरेटर से भी सूजल सांठगांठ रखता था। लाइनर बायोमिट्रिक कराने परीक्षा केंद्र पर जाता था, जहां ऑपरेटर के सहयोग से बायोमिट्रिक के नाम पर अपने मोबाइल में प्रश्न पत्र का फोटो खींच कर मास्टर माइंड को भेजता था।

    इसके बाद प्रश्न पत्र का उत्तर लाइनर के मोबाइल में आ जाता था, जिसे वह आवेदकों काे उत्तर पुस्तिका भरने में सहयोग करता था। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार लाइनरों के पास से छोटे-छोटे चिप बरामद हुए हैं। जिसमें प्रश्न पत्र और उसका हल किया हुआ आंसर सीट भी बरामद हुआ है।

    गिरफ्तार सभी आवेदकों ने कोचिंग से किया था संपर्क

    एसपी ने बताया कि मास्टर माइंड और लाइनर के मोबाइल से मुंगेर के विभिन्न परीक्षा केंद्र के 20 अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र बरामद हुआ है। हालांकि इनमें से 18 आवेदक ही परीक्षा देने मुंगेर पहुंचे थे, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

    मुंगेर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों से जिन 18 आवेदकों को गिरफ्तार किया गया है, वे सभी एक कोचिंग सेंटर से परीक्षा पास कराने के लिए संपर्क किए थे। पुलिस ने उस कोचिंग की पहचान कर ली है, उसके संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया में पुलिस जुट गई है।

    केंद्राधीक्षक की भी संलिप्तता उजागर

    उपेन्द्र ट्रेनिंग स्कूल परीक्षा केंद्र में बतौर केंद्राधीक्षक प्रतिनियुक्त विशिष्ट शिक्षिका अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया है तथा उसके विरुद्ध कोतवाली थाना में केस दर्ज कराया गया है।

    केंद्राधीक्षक पर आरोप है कि बायोमिट्रिक करने वाले आपरेटर को एंड्रायड मोबाइल का उपयोग करने की उन्होंने अनुमति दी थी। डीएम ने निरीक्षण के दौरान ऑपरेटर के पास मोबाइल पाए जाने पर केंद्राधीक्षक के विरुद्ध निलंबन और केस दर्ज कराने का निर्देश दिया था।

    यह भी पढ़ें- Bihar AEDO Exam 2026 में सेंध की साजिश नाकाम, मुंगेर में 4 'मुन्ना भाई' गिरफ्तार; केंद्राधीक्षक सस्पेंड

    परीक्षा में फर्जीवाड़ा गिरोह का खुलासा हुआ है। इस मामले में सरगना, लाइनर, परीक्षार्थी सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फर्जीवाड़ा करने वालों के पास व्हाट्सएस ग्रुप मिला है। वॉट्सऐप ग्रुप में बिहार के कई जिलों के मास्टर माइंड व लाइनर के अलावा सैकड़ों आवेदकों का प्रवेश पत्र पाया गया है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।

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    - सैयद इमरान मसूद, एसपी