विक्रमशिला सेतु संकट के बीच बिहार के चार और पुलों पर भारी वाहनों की एंट्री बंद, रूट डायवर्ट
Bihar Traffic Route Diversion: बिहार में पुलों के गिरने की घटनाओं के बाद मुजफ्फरपुर में माड़ीपुर ओवरब्रिज और दादर पुल सहित चार प्रमुख पुलों को जर्जर घ ...और पढ़ें

प्रशासन ने दादर समेत चार प्रमुख पुलों को बेहद जर्जर घोषित कर दिया है। फोटो सौ: जागरण आर्काइव

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Bridge News: हाल में बिहार के निर्माणाधीन और पूर्व के बने कई पुलों के गिरने की खबर सामने आई है। इसकी वजह से जहां एक ओर आवागमन प्रभावित हुआ वहीं सरकार की भी खूब किरकिरी हुई।
हाल में भागलपुर में विक्रमशिला सेतु (गंगा नदी पुल) पर उपजे हालिया संकट के बाद राज्य सरकार पुलों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले से एक बड़ी खबर आ रही है, जहां शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले माड़ीपुर ओवरब्रिज और दादर पुल समेत चार प्रमुख पुलों को बेहद जर्जर और खतरनाक घोषित कर दिया गया है।
इन पुलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार सेन ने तत्काल प्रभाव से इन पर भारी वाहनों (ट्रक, बस और भारी कमर्शियल गाड़ियों) के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दिए जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
कार्यपालक अभियंता की अनुशंसा पर फैसला
यह प्रशासनिक कार्रवाई पथ निर्माण प्रमंडल (RCD)-वन के कार्यपालक अभियंता की तकनीकी अनुशंसा और विभाग से मिली अंतिम अनुमति के बाद की गई है।
दरअसल, मुजफ्फरपुर जिले के कई महत्वपूर्ण पुलों की सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट विभाग को भेजी गई थी। इस तकनीकी ऑडिट में इन चार पुलों की हालत काफी चिंताजनक बताई गई थी।
इसके बाद जिला प्रशासन और आरसीडी-वन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और इन रूट्स पर बैरियर लगाकर भारी वाहनों की नो-एंट्री सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।
इन चार प्रमुख पुलों पर लगाया प्रतिबंध
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन चार स्थानों पर भारी वाहनों की आवाजाही को रोका गया है, उनमें शामिल हैं:
- बूढ़ी गंडक नदी पर बना ऐतिहासिक दादर पुल।
- मुजफ्फरपुर-रेवाघाट मार्ग के तीसरे किलोमीटर पर स्थित माड़ीपुर रेल ओवरब्रिज (ROB)।
- देवरिया-बरूराज पथ के 14वें किलोमीटर पर स्थित पुल।
- देवरिया-जाफरपुर-अम्बारा पथ के 5वें किलोमीटर पर स्थित पुल।
आईआईटी पटना और आरसीडी ने की थी जांच
हाल ही में आईआईटी पटना (IIT Patna) और पथ निर्माण विभाग की एक संयुक्त विशेषज्ञ टीम ने मुजफ्फरपुर के इन जर्जर पुलों का भौतिक निरीक्षण किया था।
टीम ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा था कि जब तक इन पुलों की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक सुरक्षा के लिहाज से भारी वाहनों को रोकना अनिवार्य है।
रिपोर्ट के अनुसार, माड़ीपुर आरओबी (ROB) के जीर्णोद्धार और मरम्मत पर करीब 4.50 करोड़ रुपये और दादर पुल की मरम्मत पर 4 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना स्वीकृत की गई है।
भारी वाहनों के लिए तय किए नए मार्ग
पुलों पर प्रतिबंध लागू होने के बाद आम लोगों और मालवाहक वाहनों की सहूलियत के लिए ट्रैफिक रूट में बदलाव किया गया है, जो इस प्रकार रहेगा:
- माड़ीपुर आरओबी रूट: माड़ीपुर पावर हाउस चौक से जूरन छपरा की ओर जाने वाले भारी वाहन अब दिघरा-बटलर रोड के रास्ते कलमबाग चौक होते हुए अपने गंतव्य पर जाएंगे।
- वहीं, जूरन छपरा की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को ब्रह्मपुरा चौक से बीबीगंज होते हुए हाजीपुर-मुजफ्फरपुर-मोतिहारी नेशनल हाईवे (NH) की तरफ डायवर्ट किया गया है। (नोट: हल्के वाहन और टू-व्हीलर पूर्व की तरह सीधे आ-जा सकेंगे)।
- दादर पुल रूट: चांदनी चौक से बैरिया जीरोमाइल होते हुए दादर पुल की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को अब सीधे चांदनी चौक के नीचे से एनएच (NH) होते हुए मुख्य हाईवे पुल को पार करना होगा।
- देवरिया-जाफरपुर-अम्बारा पथ (5वां किमी): देवरिया की तरफ जाने वाले सभी भारी वाहनों को अब स्टेट हाईवे-74 (SH-74) पारू चौक-जाफरपुर होते हुए अम्बारा सड़क के रास्ते भेजा जाएगा। अम्बारा की तरफ से देवरिया आने वाले भारी वाहन भी इसी वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करेंगे।
प्रशासन की ओर से की गई इस व्यवस्था को संभावित हादसों को टालने के उपाय के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही सरकार से लोगों की अपेक्षा है कि इन पुलों के वैकल्पिक व्यवस्था पर तुरंत कार्य आरंभ हो।