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छोटी चाची का आंचल, बड़ी चाची का कहर: कटिहार में अपनों ने ही छीन ली कोमल की सांसें

Published: Thu, 27 Aug 2026 08:47 PM (GMT+05:30)

कटिहार के पोठिया में 13 वर्षीय कोमल कुमारी की उसके बड़े चाचा-चाची ने मामूली बात पर पीट-पीटकर हत्या कर दी। ...और पढ़ें

कटिहार में अपनों ने ही छीन ली कोमल की सांसें

कटिहार में अपनों ने ही छीन ली कोमल की सांसें

HighLights

  1. 13 वर्षीय कोमल कुमारी की चाचा-चाची ने की हत्या।

  2. छोटी चाची मनीषा देवी ने मां की तरह पाला था।

  3. मामूली बात पर हुई निर्मम पिटाई, गांव में मातम।

एडी खुशबू, पोठिया (कटिहार)। रिश्ते दागदार नहीं होते, मानसिकता उसको कलंकित करती है। कोमल कुमारी हत्याकांड में यह बातें स्पष्ट रुप से सामने आई। अल्प आयु अपने 8 वर्ष में मां को खोने वाली कोमल को छोटी चाची मनीषा देवी ने परवरिश कर जीवन संभाला था तो 13 वर्ष की आयु में उसकी बड़ी चाची और चाचा ने ही जान ले ली।

पोठिया के रुचदेव सिमरिया लोहनी गांव में 13 वर्षीय कोमल कुमारी की मौत ने सबको झकझोर दिया है। इस घटना से हर कोई अचंभित है तो चाची मनीषा देवी की सूजी और खामोश आंखें घटना की भयावहता दर्शा रही है।

चाची मनीषा देवी बार-बार यही कह रही थी जिस बच्ची को उन्होंने मां का साया छिन जाने के बाद अपने आंचल में संभाला, उसकी अर्थी उठते देखना उनके लिए किसी पहाड़ टूटने से कम नहीं है। वह बार-बार कोमल को याद कर रो पड़ती हैं।

चार भाई बहनों में तीसरे नंबर की कोमल की मौत से पिता दिलीप मंडल जड़ता की स्थिति में चले गए हैं कि उसके सगे भाई ही उसकी बच्ची का दुश्मन बन बैठे। बेटी की मौत का दर्द उनकी जुबान पर आते ही शब्दों में बदल जाता है। यह कैसे हो गया, कैसे कर दिया, मेरी बेटी उसकी बेटी नहीं थी।

टोटो का सीट फाड़ा तो आपने उसकी पीठ फाड़ दी। इतना कहते-कहते उनकी आवाज थम जाती है और आंखों से आंसू के साथ अनगिनत सवाल उमड़ते नजर आते हैं।

पहले ही उठ चुका था मां का छाया

नाना ढोराय मंडल ने बताया कि कोमल और उसके भाई-बहनों के सिर से मां का साया बहुत पहले ही उठ गया था। पिता दिलीप मंडल, छोटी चाची मनीषा देवी, नाना और मामा के सहारे बच्चों की परवरिश हो रही है।

मनीषा देवी ने मां की कमी महसूस नहीं होने देने के लिए कोमल और उसके भाई-बहनों को अपने बच्चों की तरह संभाला था। ऐसे में कोमल की मौत ने पूरे परिवार को भीतर तक तोड़ दिया है।

भाई-बहनों का रो-रोकर बुरा हाल

कोमल की मौत के बाद उसकी बहन अंजली कुमारी (18), ज्योति कुमारी (15), वंदना (9) और भाई नंदू कुमार (6) का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में हर तरफ चीख-पुकार और मातम है।

जिस घर में बच्चों की शरारती की गूंज रहती थी वहां चीत्कार उठ रहा है। परिवार के लोगों की आंखें बार-बार कोमल को तलाश रही हैं।

गांव में नहीं जला चूल्हा

घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में मातम छा गया। घटना के बाद गांव में कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।

ग्रामीणों के बीच एक ही सवाल है कि आखिर एक मासूम बच्ची को इतनी बेरहमी से पीटने की नौबत क्यों आई। कोमल की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। अब कोमल के जाने से परिवार के सामने ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे शायद कभी भरा नहीं जा सकेगा।

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