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    मैथिली एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह से मची भगदड़, जमुई स्टेशन पर खिड़की-दरवाजों से कूदे यात्री

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 10:13 PM (GMT+05:30)

    कोलकाता से दरभंगा जा रही मैथिली एक्सप्रेस में जमुई स्टेशन पर आग लगने की अफवाह से यात्रियों में भगदड़ मच गई और वे खिड़की-दरवाजों से कूदने लगे। ...और पढ़ें

    ट्रेन से निकलकर प्लेटफार्म पर खड़े यात्री। (जागरण)

    ट्रेन से निकलकर प्लेटफार्म पर खड़े यात्री। (जागरण)

    HighLights

    1. मैथिली एक्सप्रेस में आग की अफवाह से मची भगदड़।

    2. जमुई स्टेशन पर यात्री खिड़की-दरवाजों से कूदे।

    3. ब्रेक बाइंडिंग से धुआं, आग लगने की बात गलत।

    संवाद सूत्र, बरहट (जमुई)। कोलकाता से दरभंगा जा रही मैथिली साप्ताहिक एक्सप्रेस में सोमवार की शाम उस समय अचानक अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई, जब ट्रेन के एस-4 कोच के नीचे से अचानक तेज चिंगारी और धुएं का गुब्बार निकलने लगा।

    पहियों के पास से उठते धुएं को देख यात्रियों के बीच ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते बोगी में भगदड़ जैसा माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर भागने लगे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन जैसे ही जमुई रेलवे स्टेशन पर अपने निर्धारित ठहराव के बाद आगे के लिए रवाना होने लगी, तभी एस-4 बोगी में सवार यात्रियों की नजर पहियों के नीचे से निकल रही चिंगारी पर पड़ी।

    कुछ ही पलों में घना धुआं कोच के भीतर भरने लगा। धुआं देखते ही यात्रियों में यह अफवाह फैल गई कि बोगी में आग लग गई है।

    खिड़की और दरवाजों से कूदने लगे यात्री

    समस्तीपुर के यात्री उपेंद्र पासवान, अमित सिंह ने बताया कि वो देवघर से पूजा करके लौट रहे थे। जमुई स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद जैसे ही खुली कोच के अंदर धुआं भरने लगा, जिससे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई।

    बदहवासी की स्थिति में यात्रियों ने तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका। ट्रेन के रुकते ही अपनी जान बचाने की होड़ मच गई। ट्रेन में सवार पुरुष, महिलाएं और बच्चे खिड़कियों और दरवाजों से नीचे कूदने लगे।

    इस दौरान स्टेशन परिसर पर कुछ समय के लिए स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन पर तैनात आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे के तकनीकी कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

    जांच के बाद पता चला कि ब्रेक बाइंडिंग (पहियों में ब्रेक शूज चिपक जाने) या तकनीकी खराबी के कारण घर्षण से धुआं और चिंगारी निकली थी, कोच में आग नहीं लगी थी।

    रेलवे अधिकारियों और पुलिस टीम ने सूझबूझ से काम लेते हुए यात्रियों को समझा-बुझाकर शांत कराया और अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।

    तकनीकी टीम द्वारा बोगी की जांच के बाद ट्रेन को आगे की यात्रा के लिए रवाना किया गया। हालांकि, ट्रेन बिना सिग्नल दिए ही खुल गई, जिसके कारण बोगी से भागे कई यात्री छूट गए।

    जीआरपी थाने के एएसआई बृजेश सिंह राठौड़ ने बताया कि एक नंबर प्लेटफार्म पर मौजूद था। वैसा कुछ नहीं हुआ था। एस 4 की बोगी में ब्रेक वेंडिंग के वजह से पहिया के पास से चिंगारी फेंक रहा था और धुआं निकला।

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    जिस कारण यात्रियों में अफवाह फैल गया कि आग लग गई है। जिस कारण सभी यात्री भगदड़ मचाने लगे और जान बचाने के लिए ट्रेन से कूद कर भागने लगे। स्टेशन प्रबंधक नीतीश कुमार ने बताया कि आग लगने की कोई बात नहीं है। ब्रेक जाम होने से चिंगारी उठी थी। अफवाह फैलने से थोड़ी देर यात्री परेशान दिखे।

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