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    'सवर्ण हूं इसलिए उखड़वाते हैं घास', जमुई में सिंचाई कर्मी ने अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप; Video वायरल

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 05:26 PM (IST)

    जमुई सिंचाई प्रमंडल के एक परिचारी ने कार्यपालक अभियंता पर सवर्ण होने के कारण भेदभाव का आरोप लगाया है। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. सिंचाई कर्मी ने अधिकारी पर सवर्ण होने के कारण भेदभाव का आरोप।

    2. परिचारी का दावा, उससे घास उखड़वाने और साफ-सफाई कराई जाती है।

    3. कार्यपालक अभियंता ने आरोपों को साजिश बताया, स्वास्थ्य का हवाला दिया।

    संवाद सहयोगी, जमुई। जमुई सिंचाई प्रमंडल कार्यालय में कार्यरत परिचारी ने अपने ही विभाग के कार्यपालक अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    परिचारी गजेंद्र कुमार चौबे का आरोप है कि कार्यालय में सात परिचारी कार्यरत हैं, लेकिन अन्य कर्मियों से कार्यालय से जुड़े काम लिए जाते हैं, जबकि उससे घास उखड़वाने और साफ-सफाई जैसे काम कराए जाते हैं।

    कर्मी ने इसके पीछे अपने सवर्ण होने के कारण भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है। मामले से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, दैनिक जागरण वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।

    घास उखड़वाते दिख रहा कर्मी, वीडियो में लगाए आरोप

    वायरल वीडियो में परिचारी गजेंद्र चौबे कार्यालय परिसर में घास साफ करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि कार्यालय में कुल सात परिचारी हैं। अन्य परिचारियों से कार्यालय से संबंधित कार्य लिए जाते हैं, जबकि उन्हें अलग तरह के काम में लगाया जाता है।

    उनका आरोप है कि उनके साथ यह व्यवहार उनके सवर्ण होने के कारण किया जा रहा है। वीडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज भी सुनाई देती है जो परिचारी के कार्यों का जिक्र करते हुए कहता है कि फाइलों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना और कार्यालय के जरूरी काम में सहयोग करना परिचारी की जिम्मेदारी है। घास उखाड़ना और परिसर की सफाई कराना उनके निर्धारित कार्य का हिस्सा नहीं है।

    काम से मना करने पर वेतन बंद करने की धमकी का आरोप

    कर्मी ने आरोप लगाया कि निर्धारित कार्य से अलग काम करने से इनकार करने पर वेतन बंद करने और नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी का हवाला देते हुए उसने कहा कि नौकरी जाने के डर से वह अधिकारियों के निर्देश का पालन करने को मजबूर है।

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    बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो शनिवार का है। हालांकि, वीडियो की तारीख, स्थान और उसमें दिख रहे व्यक्ति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

    वीडियो वायरल होने के बाद कर्मी ने दर्ज कराया केस

    गजेंद्र चौबे ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद कार्यपालक अभियंता ने उनसे केस दर्ज कराने की बात कही। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना में केस दर्ज कराया है।

    कर्मी के अनुसार, वह कार्यालय में साफ-सफाई कर रहा था, उसी दौरान कुछ लोग वहां आए और बातचीत करने लगे। उसे जानकारी नहीं थी कि उसका वीडियो बनाया जा रहा है।

    कार्यपालक अभियंता ने आरोपों को बताया साजिश

    पूरे मामले में सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने कर्मी के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देश के अनुसार, परिचारियों को पटवन की राशि की वसूली का काम भी दिया गया है।

    प्रमंडल में 32 पद स्वीकृत हैं, जबकि मात्र सात परिचारी कार्यरत हैं। अन्य परिचारी वसूली के कार्य में जाते हैं। बताया कि गजेंद्र चौबे की तबीयत खराब रहने के कारण वह कार्यालय में ही रहते हैं।

    कार्यालय में फिलहाल फाइल से संबंधित काम भी नहीं है, इसलिए उनसे कार्यालय परिसर की सफाई का काम लिया जाता है। पूरे मामले के पीछे प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी करुणानिधि सौरभ की साजिश होने का आरोप लगाया।

    उन्होंने कहा कि पिछले दो महीने से कर्मी को बरगलाकर यह वीडियो बनवाया गया। उनका आरोप है कि कर्मी को शराब पिलाकर वीडियो बनवाया गया और उसे प्रसारित किया गया। मामले में साइबर थाना में केस भी दर्ज कराया गया है।

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