जहानाबाद में बिना मान्यता वाले 11 निजी स्कूल बंद करने का आदेश, 2 बच्चों की मौत के बाद जागा विभाग
जहानाबाद में शिक्षा विभाग ने बिना निबंधन चल रहे 11 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इन्हें 24 घंटे में बंद करने का निर्देश द ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
जहानाबाद में 11 निजी स्कूलों को बंद करने का निर्देश।
बिना मान्यता चल रहे थे ये स्कूल, विभाग की लापरवाही उजागर।
दो बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। लंबे समय से बिना निबंधन संचालित हो रहे निजी विद्यालयों पर अब जाकर कार्रवाई की गई है।
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जहानाबाद द्वारा 11 निजी स्कूलों को 24 घंटे के भीतर संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर किया गया है।
जारी निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि ये सभी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं, जो बिहार सरकार के शिक्षा नियमों के विरुद्ध है।
संबंधित विद्यालयों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे संचालन जारी रखना चाहते हैं तो तत्काल निबंधन की प्रक्रिया पूरी करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन विद्यालयों को नोटिस जारी
जिन विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें उषा क्रिएटिव पब्लिक स्कूल कनौदी, गुरुकुल हॉस्टल एंड स्कूल लोदीपुर, द ईस्टर्न इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल लोदीपुर, आदर्श ज्ञान निकेतन अमैन, शिक्षा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल मोहनपुर, धनंजय शिक्षा पब्लिक स्कूल आलमपुर, बल निर्माण एकेडमी फतेपुर, मार्गदर्शन पब्लिक स्कूल खिदरपुर, अधर्व लिट्स एकेडमी धुरिया, बाइट फ्यूचर गोडिहा एवं कुंती कुंज गोडिहा शामिल हैं।
दरअसल, हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोदीपुर स्थित एक गुरुकुल हॉस्टल में पांच वर्षीय आशु कुमार (पुत्र धनंजय कुमार, निवासी बुलाकी बीघा) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी।
इसके अलावा 28 अगस्त 2025 को कड़ौना के पास एक निजी स्कूल की बस से गिरकर पांच वर्षीय नर्सरी छात्र पीयूष की मौत हो गई थी। चलती बस के अंदर बने बड़े छेद से गिरने के बाद वह उसी बस के टायर से कुचल गया था।
इन दोनों घटनाओं के बाद ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय निवासी गुड्डू शर्मा, हरेंद्र शर्मा, विकास कुमार, मुकेश कुमार एवं सोनू कुमार का कहना है कि यदि इस तरह की सख्त कार्रवाई पहले ही कर दी गई होती, तो शायद दोनों मासूमों की जान बच सकती थी।
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खानापूर्ति करता है विभाग
उन्होंने आरोप लगाया कि हर हादसे के बाद शिक्षा विभाग केवल खानापूर्ति करता है और कुछ ही दिनों में सभी विद्यालय फिर से सामान्य रूप से चलने लगते हैं।
फिलहाल विभाग की इस कार्रवाई से निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विद्यालय निर्देशों का पालन करते हैं या फिर विभाग को आगे और सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।इस तरह के शहर में सैंकड़ों स्कूल संचालन हो रहा है।