पश्चिमी चंपारण में एंटी रैबीज वैक्सीन की कमी, गंभीर संकट में मरीजों की जान को खतरा
तेतरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महीने से एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, जिससे कुत्ते के काटने से पीड़ित मरीज निराश लौट रहे हैं। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
तेतरिया पीएचसी में एक माह से एंटी रैबीज वैक्सीन अनुपलब्ध।
कुत्ते के काटने से पीड़ित मरीज इलाज के बिना निराश लौट रहे।
अभाव के कारण लोगों में आक्रोश, मोतिहारी जाने को मजबूर।
संवाद सहयोगी, तेतरिया (पश्चिमी चंपारण)। तेतरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह से कुत्ता काटने के बाद लगाई जानेवाली एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसके कारण रोज दर्जनों पीड़ित मरीज इलाज के अभाव में अस्पताल से निराश लौट रहे हैं।
इससे स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है। अस्पताल आईं कोठियां की कांति देवी ने बताया कि उनका लड़का गांव में खेल रहा था। इसी दौरान पागल कुत्ते ने नोच लिया।
मधुआहा से पोता को लेकर आईं धनवंतरी देवी और चांदीढाब के योगेंद्र राय ने बताया कि कुत्ते का आतंक बढ़ गया है, लेकिन यहां इलाज नहीं हो रहा है। वे 6-7 दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए पीएचसी आ रहे हैं, लेकिन हर बार निराश लौटना पड़ रहा है।
पीड़ितों का कहना है कि कुत्ते काटने के बाद समय पर इंजेक्शन नहीं मिलने से जान का खतरा बना हुआ है। प्रखंड युवा राजद अध्यक्ष कमलेश गुप्ता, राधामोहन यादव, मनोज रौनियार ने कहा कि पीएचसी में करीब एक महीने से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं है।
इस कारण आसपास के दर्जनों गांव के मरीजों को मोतिहारी या अन्य जगहों पर भटकना पड़ रहा है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. रवींद्र कुमार ने बताया कि वैक्सीन की कमी की जानकारी सिविल सर्जन को दी गई है। उम्मीद है कि जल्द समस्या दूर हो जाएगी।