पूर्वी चंपारण: अरेराज अस्पताल में डॉक्टरों और दवाओं की भारी कमी, कुत्ता काटने की वैक्सीन भी नहीं
अरेराज अनुमंडलीय अस्पताल में 200 से अधिक मरीज प्रतिदिन आते हैं, लेकिन 31 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 12 डॉक्टर ही उपलब्ध हैं। ...और पढ़ें
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HighLights
अरेराज अस्पताल में 200 से अधिक मरीज, डॉक्टर केवल 12।
212 में से सिर्फ 55 दवाएं उपलब्ध, कुत्ता काटने की सूई नहीं।
अल्ट्रासाउंड बंद, नई डायलिसिस सुविधा शुरू, एसडीएम निगरानी।
संवाद सहयोगी, अरेराज। स्थानीय अनुमंडलीय अस्पताल में औसतन मरीजों की संख्या-दो सौ पार रहती है। आबादी व क्षेत्र के हिसाब से यहां 31 चिकित्सकों का पद सृजित है। उनके स्थान पर मात्र 12 चिकित्सक प्रथम पाली में अनुमंडल क्षेत्र के रोगियों को सेवा देते हैं। फिलहाल दो अवकाश पर हैं।
अस्पताल के ओपीडी में करीब 200 सौ से 250 सौ के बीच रोगियों की जांच प्रतिदिन की जाती है। उन रोगियों को दवा भी उपलब्ध कराई जाती है। अस्पताल में शुक्रवार को जो दिखा वह व्यवस्था को खींचनेवाला रहा। यानी जो संसाधन हैं, उन्हीं के साथ काम करना और लोगों को संतुष्ट रखना।
अस्पताल में भर्ती रोगियों ने बताया कि अस्पताल के चिकित्सक व पैरामेडिकल के सदस्यों द्वारा अच्छा व्यवहार किया जाता है। साथ ही दवा भी समय से मिल रही है। अस्पताल कर्मियों के मुताबिक फिलहाल 55 प्रकार की दवा अस्पताल में उपलब्ध है। सर्पदंश की भी दवा उपलब्ध है।
कुत्ता काटने के बाद दी जानेवाली सुई उपलब्ध नहीं है। अनुमंडलीय अस्पताल में 212 तरह की दवा उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन 55 तरह की दवा ही उपलब्ध होने से कई बार मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ती है।
अल्ट्रासाउंड बंद, शुरू हुई डायलिसिस की सुविधा
अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के मातृत्व अवकाश पर चले जाने के कारण अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद मिला। बताया गया कि इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां डायलिसिस की सुविधा नई शुरू की गई है। क्षेत्र के रोगियों को इसका लाभ मिल रहा है। ओपीडी में बैठे चिकित्सकों ने बताया कि प्रत्येक दिन 200 सौ से 250 सौ रोगियों की जांच व इलाज का काम किया जा रहा है। उन्हें अस्पताल में उपलब्ध दवा भी दी जा रही है।
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बोले मरीज : मिल जाती है दवा, हो जाती है जांच
रढ़िया गांव से टीबी की दवा लेने आईं माधो पासवान की पत्नी शिला देवी ने बताया कि टीबी की दवा लेने आई थी। दवा मिल गई है। बहादुरपुर खजुरिया गांव की महिला हेमा देवी ने बताया कि मैंने अपना चेकअप कराया है। चिकित्सकों ने जांच के बाद मुझे अस्पताल से सभी दवा उपलब्ध कराया है।
चिकित्सक, पारा मेडिकल व चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की मांग
अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रयास है कि सभी रोगियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले। सात जुलाई को जिला को पत्र भेज कर चिकित्सक, पारा मेडिकल, चतुर्थवर्गीय कर्मचारी व तीन छोटे एंबुलेंस की मांग की गई है। शीघ्र व्यवस्था और अपडेट होगी।
एसडीएम की ओर से कराई जाती निगरानी
अरेराज अनुमंडल पदाधिकारी जन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर खासा गंभीर हैं। लगातार अस्पताल की जांच होती रहती है। यहीं कारण है कि यहां उपलब्ध संसाधनों संग स्वास्थ्यकर्मी अपना काम करते रहते हैं।
इस कड़ी में शुक्रवार को एसडीएम ने अनुमंडल कार्यपालक दंडाधिकारी अलोल कुमार को भेज कर अस्पताल की स्थिति की जांच कराई। जांच के दौरान स्थिति संतोषजनक बताई गई।
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