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बक्सर के प्रधान डाकघर में CBI का छापा, तीन लोगों को नगर थाने में ले जाकर हो रही पूछताछ

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:26 PM (IST)

सीबीआई ने बक्सर के प्रधान डाकघर में छापेमारी कर तीन लोगों को हिरासत में लिया, जिनसे नगर थाने में गहन ...और पढ़ें

डाक अधीक्षक के बाहर जाने से बढ़ी चर्चा

डाक अधीक्षक के बाहर जाने से बढ़ी चर्चा

HighLights

  1. बक्सर प्रधान डाकघर में सीबीआई की अचानक छापेमारी।

  2. तीन लोगों को हिरासत में लेकर नगर थाने में पूछताछ।

  3. वित्तीय गड़बड़ी या रिश्वतखोरी की आशंका पर कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, बक्सर। प्रधान डाकघर स्थित डाक डिवीजन और सब डिवीजन कार्यालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अचानक छापेमारी से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम ने कार्यालय परिसर में औचक दबिश देकर महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की।

कार्रवाई के दौरान टीम ने तीन लोगों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए सभी संदिग्धों को लेकर जांच टीम नगर थाने पहुंची है। यहां बंद कमरे में उनसे गहन पूछताछ किए जाने की सूचना है।

डाक अधीक्षक के बाहर जाने से बढ़ी चर्चा

पूरी कार्रवाई के तुरंत बाद डाक अधीक्षक सरिता कुमारी के कार्यालय से बाहर निकलने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल उनका मोबाइल फोन लगातार बंद बताया जा रहा है।

इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, सीबीआई की छापेमारी के वास्तविक कारणों को लेकर अभी तक जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मामले में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

नया डाक प्रमंडल बनने के बाद बढ़ा था दायरा

गौरतलब है कि बक्सर डाकघर को महज कुछ ही महीने पहले नए डाक प्रमंडल का दर्जा दिया गया था। इसके बाद यहां प्रशासनिक गतिविधियों के साथ वित्तीय लेन-देन का दायरा भी बढ़ा था।

ऐसे में सीबीआई की अचानक हुई कार्रवाई ने विभागीय कार्यप्रणाली और आंतरिक निगरानी तंत्र को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

हालांकि, मौजूदा छापेमारी इसी अवधि से जुड़े किसी मामले में है या किसी पुराने प्रकरण के सिलसिले में, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बिहार में डाक विभाग से जुड़े मामलों पर पहले भी कार्रवाई

डाक विभाग में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में सीबीआई की ओर से बिहार में पहले भी कार्रवाई की जाती रही है।

पटना, मुजफ्फरपुर और गया जैसे प्रमंडलों में डाक सेवकों की फर्जी बहाली, पेंशन से जुड़ी अनियमितताओं और पासबुक जमा-निकासी में कथित धांधली जैसे मामलों की जांच एजेंसी द्वारा जांच की गई है।

ग्रामीण डाक सेवक भर्ती और डाक टिकट आवंटन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों में भी कार्रवाई की खबरें सामने आती रही हैं। उत्तर बिहार और शाहाबाद क्षेत्र में डिजिटल लेनदेन से जुड़े कथित फर्जीवाड़ों की जांच भी पूर्व में चर्चा में रही है।

पुरानी वित्तीय गड़बड़ी या रिश्वत के तार की आशंका

बक्सर में हुई कार्रवाई को भी किसी पुरानी वित्तीय गड़बड़ी या रिश्वत से जुड़े मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह फिलहाल केवल आशंका है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच टीम द्वारा जब्त दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। सीबीआई की कार्रवाई के बाद डाक विभाग के कर्मचारियों में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

नगर थाने में पूछताछ के बाद सामने आएगी तस्वीर

नगर थाने में तीन लोगों से पूछताछ जारी होने की बात सामने आई है। पूछताछ पूरी होने के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज किए जाने या जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक बयान जारी किए जाने की संभावना है।

फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई को लेकर स्थानीय प्रशासन और डाक विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। आधिकारिक पुष्टि के बाद ही छापेमारी के कारण और जांच के दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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