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बक्सर दुष्कर्म कांड: टीचर की करतूत में नया खुलासा, पटना के होटल में 19 साल लिखवाई थी नाबालिग की उम्र

Published: Tue, 08 Sep 2026 08:02 AM (IST)

पुलिस बक्सर के शिक्षक अरविंद कुमार द्वारा पूर्व छात्रा से दुष्कर्म मामले की जांच में पटना के 'साईं गेस्ट हाउस' तक पहुंच गई है, जहां यह जघन्य अपराध हुआ था।

एआई जनरेटेड फोटो

एआई जनरेटेड फोटो

HighLights

  1. पुलिस बक्सर शिक्षक दुष्कर्म मामले में पटना गेस्ट हाउस पहुंची।

  2. नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर पटना ले जाकर दुष्कर्म किया।

  3. वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया, कई शिक्षक गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, बक्सर। कृष्णा ब्रह्म स्थित एक मध्य विद्यालय के शिक्षक अरविंद कुमार द्वारा पूर्ववर्ती छात्रा के साथ किए गए जघन्य दुष्कर्म मामले में बक्सर पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, चौंकाने वाले और सनसनीखेज तथ्य सामने आ रहे हैं।

इंटरनेट पर प्रसारित हुए शर्मनाक वीडियो की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस की विशेष जांच टीम पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित 'साईं गेस्ट हाउस' तक पहुंच चुकी है, जहां इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया गया था।

पटना के होटल में रचा गया था षड्यंत्र

पुलिस द्वारा की गई तकनीकी जांच और साक्ष्यों के संकलन से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार ने चार सितंबर 2025 को नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर पटना लाया था।

घटनास्थल: एक्जीबिशन रोड, पटना स्थित एक गेस्ट हाउस (कमरा नंबर 404)।

फर्जी प्रविष्टि : होटल के विजिटर रजिस्टर में आरोपित शिक्षक ने छात्रा को बालिग दर्शाने के लिए उसकी उम्र 19 वर्ष दर्ज कराई थी, जबकि पीड़िता की वास्तविक उम्र उस समय महज 13 वर्ष थी। वहीं अरविंद ने अपनी उम्र 26 वर्ष दर्ज की थी।

पहचान पत्र की जब्ती: जांच के दौरान पुलिस ने होटल का एंट्री रजिस्टर सीज कर लिया है। आरोपित ने कमरे की बुकिंग के लिए अपनी पहचान पत्र की प्रति जमा कराई थी, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

फोरेंसिक जांच और समय का व्यवधान

स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार फोरेंसिक टीम के माध्यम से गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 404 में उपलब्ध साक्ष्यों की बारीक जांच कराई जाएगी।

समय का अंतराल: प्राथमिकी के अनुसार वीडियो इस साल के शुरुआती महीनों (जनवरी) से भी जुड़ा बताया जा रहा है। घटना और कार्रवाई के बीच लगभग 8 महीने का लंबा समय बीत चुका है। वही गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड के अनुसार यह मामला एक साल पुराना हो चुका है।

साक्ष्यों पर संदेह: चूंकि कमरा प्रदेश की राजधानी के व्यस्त इलाके में स्थित एक व्यावसायिक गेस्ट हाउस का है, इसलिए इस दौरान वहां सैकड़ों अन्य यात्री ठहर चुके होंगे।

ऐसे में फोरेंसिक टीम या पुलिस को उस कमरे से वैज्ञानिक साक्ष्य प्राप्त करने में कितनी सफलता मिलेगी, इसे लेकर तकनीकी और कानूनी संदेह बना हुआ है।

विभिन्न होटलों में ले जाने की आशंका 

पुलिस जांच में इस बात की भी प्रबल आशंका जताई जा रही है कि आरोपित शिक्षक द्वारा नाबालिग छात्रा को समय-समय पर अलग-अलग होटलों या लाज में ले जाया जाता था।

मामले की तफ्तीश के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला था, जिसके आधार पर बीते दिनों डुमरांव स्थित 'कलावती रेस्टोरेंट' के एक कमरे को पुलिस ने सील कर दिया था।

अन्य संदिग्धों की भूमिका: पुलिस को आशंका है कि कुछ दिनों पहले आरोपितों में से कोई एक व्यक्ति वहां किसी लड़की को लेकर गया था। इस बिंदु को केंद्र में रखकर पुलिस पूरे सिंडिकेट और अन्य संभावित ठिकानों की कड़ियों को खंगाल रही है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया, जब आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार द्वारा छात्रा के साथ किए गए कुकृत्य का एक अश्लील वीडियो इंटरनेट और सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने लगा।

आरोपित शिक्षक कृष्णा ब्रह्म स्थित मध्य विद्यालय में कार्यरत था। उसने अपने पद और प्रभाव का गलत फायदा उठाते हुए आठवीं में पढ़ने वाली मासूम छात्रा को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया।

हालांकि बीते मार्च महीने में वह छात्र उस विद्यालय से पास आउट हो चुकी है और अब डुमरांव के एक विद्यालय में कक्षा नौ में अध्यनरत है।

ब्लैकमेलिंग और वीडियो वायरल

आरोपित ने कमरे में छात्रा के साथ दुष्कर्म का वीडियो बना लिया और बाद में उसे डराने-धमकाने के लिए इस्तेमाल किया। वीडियो प्रसारित होते ही पूरे जिले में भारी आक्रोश फैल गया।

ऐसी आशंका है कि इसी वीडियो को दिखाकर मुख्य आरोपित शिक्षक अरविंद कुमार और उसके दूसरे शिक्षक साथी वीरेंद्र प्रसाद उर्फ वीरेंद्र पाल ने इस मामले की पीड़िता को ब्लैकमेल किया और उसे बार-बार अलग-अलग होटल में ले गए।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद इमाम अंसारी पर पूरे मामले को जानते हुए भी वरीय अधिकारियों से छुपाने और समय पर उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप है।

इस मामले में प्रधानाध्यापक को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्हें प्राथमिकी के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में मुख्य आरोपित अरविंद को ब्रह्मपुर से गिरफ्तार किया गया। वहीं बीते रविवार की रात वीरेंद्र को बक्सर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है।

कुछ और लोग भी आ सकते हैं चपेट में

प्राथमिकी में नामजद होने वाले सभी आरोपित और पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस बात की आशंका भी जताई जा रही है कि अरविंद और वीरेंद्र के कुछ और दोस्त भी इस पूरे कुकर्म में शामिल थे।

खासकर वीरेंद्र की इस मामले में बहुत बदनामी है। एक कथित प्रसारित आडियो क्लिप में वह खुद अपने कुकर्मों की शेखी बघार रहा है। वह खुद दावा कर रहा है कि उसके पास ऐसी कई लड़कियों की वीडियो क्लिप है।

ग्रामीणों का मानना है कि भले ही वीडियो क्लिप अरविंद से संबंधित प्रसारित हुई है, लेकिन इस मामले में वीरेंद्र का रिकार्ड अधिक खराब है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

वीडियो सामने आते ही पीड़िता की मां के बयान पर बक्सर पुलिस ने पाक्सो एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच और छापेमारी शुरू कर दी थी।

बक्सर पुलिस प्रशासन इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। पुलिस का कहना है कि होटल प्रबंधनों द्वारा बिना सही पहचान और नाबालिगों को कमरा देने के नियमों के उल्लंघन पर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस साक्ष्यों को मजबूत कर स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपितों को कठोरतम सजा दिलाने की दिशा में काम कर रही है। राज्य सरकार का शिक्षा विभाग और गृह विभाग दोनों इस मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

इस प्रकरण में गिरफ्तार हुए सभी सभी शिक्षक और प्रधानाध्यापक को बर्खास्त करने के लिए भी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। उनके निलंबन का आदेश पहले ही जारी हो चुका है।

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