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भरत तिवारी एनकाउंटर केस: न्यायिक आयोग के सामने परत दर परत खुल रहा राज, तीसरे दिन छोटे भाई ने दी गवाही

Published: Tue, 14 Jul 2026 01:59 PM (IST)Updated: Tue, 14 Jul 2026 03:51 PM (IST)

भोजपुर के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच जारी है। मंगलवार को तीसरे दिन मृतक ...और पढ़ें

न्यायिक जांच आयोग के कार्यालय में पहुंचे छोटे भाई चंदन तिवारी और गांव की महिला

न्यायिक जांच आयोग के कार्यालय में पहुंचे छोटे भाई चंदन तिवारी और गांव की महिला

HighLights

  1. भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच जारी।

  2. तीसरे दिन छोटे भाई चंदन तिवारी ने बयान दर्ज कराया।

  3. अब तक कुल सात गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं।

जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Tiwari Encounter Case) की न्यायिक जांच आयोग के समक्ष मंगलवार की दोपहर तीसरे दिन भी गवाही हुई।

आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष मृतक भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी एवं जवैनिया गांव की ललिता देवी ने अपना बयान दर्ज कराया। वहीं, ग्रामीण राजाराम चौधरी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं हो सके, जिसके कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया।

छोटे भाई ने कहा- सरेंडर के बाद पुलिस ने मारी गोली

न्यायिक जांच आयोग के समक्ष बयान दर्ज कराए जाने के बाद मृतक के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि उन्होंने न्यायिक जांच आयोग को बताया है कि आत्मसमर्पण करने के बाद भी पुलिस ने उनके भाई भरत भूषण तिवारी को गोली मार दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह हत्या थी और दोषी पुलिसकर्मियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उनके भाई कथित घोटाले के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।

उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आयोग के समक्ष उनसे करीब आधे घंटे तक पूछताछ की गई।

वहीं, जवइनिया गांव की विस्थापित ग्रामीण महिला एवं प्रत्यक्षदर्शी ललिता देवी ने आयोग के समक्ष इंसाफ की मांग की। उन्होंने दावा किया कि भरत तिवारी विस्थापितों की समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रख रहे थे।

उनके अनुसार प्रशासन ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद भरत ने अपना पिस्तौल फेंक दिया। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें गोली मार दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी घटना अपनी आंखों के सामने देखी और आयोग से दोषियों के खिलाफ न्याय की गुहार लगाई।

इस मामले में बुधवार को चार और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इनमें सरोज त्रिपाठी, अंजनी तिवारी, उषा देवी, चंद्रावती देवी समेत अन्य गवाह आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।

गौरतलब है कि 11 जुलाई को मृतक की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी ने आयोग के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया था। इसके बाद सोमवार को तीन अन्य गवाहों मृतक की भाभी सुमन देवी सममेत तीन की गवाही हुई थी।

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