विक्रमशिला सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट में बढ़ा गैप? पथ निर्माण मंत्री ने दिया जवाब
गंगा पर बने विक्रमशिला सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट में गैप बढ़ने की अफवाहों को पथ निर्माण विभाग ने खारिज किया है। मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने स्पष्ट किया कि ...और पढ़ें

विक्रमशिला सेतु पर एक्सपेशन जाइंट में वेल्डिंग करते हुए । जागरण
HighLights
सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट में गैप स्थिर पाया गया।
पथ निर्माण विभाग ने सेतु की सुरक्षा की पुष्टि की।
मंत्री ने गैप बढ़ने की अफवाहों को निराधार बताया।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। गंगा की अथाह धाराओं पर विकास का विराट सेतु बनकर खड़ा विक्रमशिला सेतु इन दिनों एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट के बीच गैप बढ़ने की खबरों और सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों ने लोगों के मन में आशंका के बादल अवश्य खड़े कर दिए, लेकिन पथ निर्माण विभाग ने तकनीकी तथ्यों के साथ इन आशंकाओं को निर्मूल बताते हुए स्पष्ट किया है कि सेतु पूरी तरह सुरक्षित है और आवागमन में किसी प्रकार का खतरा नहीं है।
पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेन्द्र ने प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में प्रसारित खबरों का संज्ञान लेते हुए कहा कि एक्सपेंशन जॉइंट के बीच गैप बढ़ने संबंधी दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
तकनीकी जांच में क्या निकला?
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अभियंताओं को तत्काल स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया। इसके बाद जॉइंट्स की भौतिक मापी कराई गई तथा सेतु के ऊपरी एवं निचले हिस्से की ड्रोन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के माध्यम से विस्तृत तकनीकी जांच की गई।
जांच में भागलपुर की ओर एक्सपेंशन जॉइंट का औसत गैप 90 से 100 मिलीमीटर तथा नवगछिया की ओर 40 से 50 मिलीमीटर पाया गया। विभाग के अनुसार यह स्थिति पूर्व में दर्ज माप से पूरी तरह मेल खाती है और इसमें किसी प्रकार की नई वृद्धि नहीं हुई है।
गैप बढ़ने की बात भ्रामक
मंत्री ने बताया कि तीन मई 2026 की मध्यरात्रि में पी-2 और पी-3 स्पैन के बीच 34 मीटर लंबा सस्पेंडेड भाग क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद आईआईटी पटना की प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) से सहयोग लिया गया और प्रभावित हिस्से पर चार बेली ब्रिज क्रमशः वी-5-पी-1, पी-1-पी-2, पी-2-पी-3 तथा पी-3-पी-4 के ऊपर स्थापित किए गए।
खबरें और भी
उन्होंने कहा कि बेली ब्रिज निर्माण के दौरान भी बैलेंस्ड कैंटिलीवर स्पैन के एक्सपेंशन जॉइंट्स की मापी की गई थी। उस समय भी भागलपुर की ओर गैप 90 से 100 मिलीमीटर तथा नवगछिया की ओर 40 से 50 मिलीमीटर ही पाया गया था। वर्तमान जांच में भी यही स्थिति सामने आई है। ऐसे में गैप बढ़ने की चर्चा भ्रामक और आधारहीन है।
पुल पूरी तरह सुरक्षित: मंत्री
मंत्री ने आमजन को आश्वस्त करते हुए कहा कि विक्रमशिला सेतु पूरी तरह सुरक्षित है। सेतु पर हल्के वाहनों का परिचालन सुचारु रूप से जारी है तथा यात्रियों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। विभाग लगातार सेतु की निगरानी कर रहा है और सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रत्येक तकनीकी पहलू पर सतर्क दृष्टि रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पथ निर्माण विभाग जनता की सुरक्षा तथा आधारभूत संरचनाओं की मजबूती के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं। किसी भी प्रकार की अफवाह अथवा अपुष्ट सूचना पर विश्वास करने के बजाय लोगों को विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।