बंगाल से नेपाल तक फैला फर्जी लॉटरी सिंडिकेट, दरभंगा में 86 हजार टिकट का खुला राज
दरभंगा में पांच रुपये की लॉटरी के नाम पर हजारों-लाखों की ठगी करने वाले बंगाल से नेपाल तक फैले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दरभंगा स्टेशन से 86 हजार टिकटो ...और पढ़ें

दरभंगा जीआरपी की ओर से जब्त की गई लाटरी की टिकट। सौ. पुलिस
HighLights
दरभंगा में 5 रुपये की लॉटरी का बड़ा रैकेट पकड़ा गया।
बंगाल से नेपाल तक फैला अवैध लॉटरी का नेटवर्क सामने आया।
86 हजार टिकटों के साथ दो धंधेबाज गिरफ्तार, जांच जारी।
मुकेश श्रीवास्तव, दरभंगा । पांच रुपये की लाटरी से हजारों-लाखों की ठगी हो रही है। इसका बंगाल से नेपाल तक का नेटवर्क है। दरभंगा स्टेशन से लाटरी के 86 हजार टिकट के साथ धंधेबाजों की गिरफ्तारी होने से इनका रूट और नेटवर्क सामने आया है।
बंगाल से निकलकर समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी तक बेचा और खपाया जा रहा है। धंधेबाज बेगूसराय और समस्तीपुर के हैं, मधुबनी के धंधेबाज सुभाष को चार लाख 30 हजार के टिकट देने थे।
योजना के अनुसार इन्हें मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी सहित चंपारण में टिकट खपाने थे। ये धंधेबाज पान-चाय दुकानदारों के माध्यम से टिकट की बिक्री कराते हैं, इसके लिए उन्हें कमीशन भी दिया जाता है।
लोगों को बड़ी राशि की लाटरी फंसने का झांसा देकर यह नेटवर्क चलाते हैं। लाटरी लाने-ले जाने वाले को एक निश्चित राशि दी जाती है। पूछताछ और जांच में यह सब बात सामने आई है।
बेगूसराय जिले के मंसूरचक थानाक्षेत्र के मंसूरचक निवासी राजू कुमार समस्तीपुर के रोसड़ा थानाक्षेत्र के गांधी चौक निवासी नीतीश सहनी से लाटरी की खेप प्राप्त किया था। जिसे वह लेकर मधुबनी पहुंचाने जा रहा था। लेकिन, उससे पहले वह दरभंगा स्टेशन पर गिरफ्तार हो गया।
पूछताछ में उसने नेटवर्क का स्वयं छोटा प्यादा बताया। कहा - उसे तत्काल एक हजार रुपये खाने-पीने के लिए दिया गया है।
काम पूरा होने पर उसे 15 हजार रुपये मिलता। इसके बाद नीतीश का नाम सामने आया। जिसे दरभंगा रेल थाने की पुलिस ने छापेमारी कर दबोच लिया। तब जानकारी मिली कि लाटरी टिकट का खेल सामान्य नहीं है। इसका बंगाल से लेकर नेपाल तक नेटवर्क चलाया जा रहा है।
सुभाष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
नीतीश ने बताया कि बंगाल से उसे सस्ते दर पर लाटरी टिकट मुहैया कराया जाता है। जिसे वह मधुबनी के सुभाष को मुहैया कराता है। इस लाटरी टिकट में लाखों के इनाम अंकित रहते हैं।
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जिस लालच में गरीब तबके के लोग, जो चाय-पान की दुकान पर अधिक जाते हैं, वे मात्र पांच रुपये कीमत रहने से खरीद लेते हैं। इसमें दुकानदार को 25 प्रतिशत का मुनाफा होता है
। शेष 75 प्रतिशत में नीतीश और उसके साथी खर्चा काटकर आपस में बांट लेते हैं। पूछताछ के दौरान नीतीश ने लंबे समय से इस धंधे से जुडे होने की बात कही है। कहा- उनके लाटरी से आज तक किसी को इनाम नहीं मिला है।
दरभंगा जीआरपी थानाध्यक्ष किंग कुंदन ने बताया कि सुभाष की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उसकी गिरफ्तारी होने के बाद लाटरी टिकट को खपाने वाले जगहों के विषय में सही जानकारी मिल जाएगी। ऐसे अब तक जांच और पूछताछ में काफी कुछ जानकारी मिली है। जिस दिशा में अनुसंधान जारी है।