विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

छोटे कारोबारियों के लिए GST नियम हुए आसान, 3 दिन में मिलेगा ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन; EBIA ने फैसलों का किया स्वागत

Published: Thu, 08 Oct 2026 07:29 PM (GMT+05:30)

57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया, बल्कि जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने पर जोर दिया गया।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।

HighLights

  1. जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया छोटे व्यवसायों के लिए सरल बनाई जा रही है।

  2. कर वापसी की प्रक्रिया तेज होगी, 10 दिन में सूचना मिलेगी।

  3. सामान्य जुर्माने की सीमा 25 हजार से घटाकर 10 हजार रुपये की गई।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। 57वीं जीएसटी परिषद की गुरुवार को हुई बैठक में कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

परिषद ने मुख्य रूप से जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और कारोबार के अनुकूल बनाने के लिए प्रक्रियागत सुधारों पर जोर दिया।

ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (ईबीआईए) ने एमएसएमई और छोटे कारोबारियों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों का स्वागत किया है।

ईबीआईए के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने परिषद के निर्णयों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कम जोखिम वाले छोटे व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल बनाई जा रही है।

पात्र आवेदकों को तीन कार्य दिवसों में स्वचालित पंजीकरण मिल रहा है। पंजीकरण में व्यापार नाम, साझेदार व निदेशक अथवा अतिरिक्त व्यवसाय स्थल के पते जैसे सामान्य संशोधनों को भी स्वचालित रूप से स्वीकार किया जाएगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को छोटे कारोबारियों के लिए प्रस्तावित वार्षिक विवरणी व्यवस्था को शीघ्र लागू करना चाहिए। इसकी प्रक्रिया पूरी तरह सरल और डिजिटल बनाई जानी चाहिए।

साथ ही छोटे एमएसएमई के लिए जीएसटी धन वापसी की समयबद्ध व्यवस्था करने और अनावश्यक नोटिस व निरीक्षण से सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

रिफंड की प्रक्रिया होगी तेज

ईबीआईए के पूर्व अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि परिषद ने कर वापसी की प्रक्रिया को भी तेज करने का निर्णय लिया है, जो स्वागत योग्य है।

आवेदन की स्वीकृति या कमी की सूचना देने की अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जा रही है। वहीं, जोखिम-आधारित मामलों में 90 प्रतिशत तक राशि की वापसी प्रणाली के माध्यम से तीन कार्य दिवसों में मंजूर की जा सकेगी।

सामान्य जुर्माने की सीमा 10 हजार करने का स्वागत

ईबीआईए के महासचिव अमर्त्य बंधुल ने छोटे व्यापारियों के लिए राहत के रूप में माल ढुलाई के दौरान अनावश्यक जांच कम करने के निर्णय का स्वागत किया।

उन्होंने सामान्य जुर्माने की सीमा 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने तथा अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने जैसे कदमों को भी सकारात्मक बताया।

ईबीआईए के पीआरओ सुमित जैन ने कहा कि जीएसटी की अगली पीढ़ी के ये प्रक्रियागत सुधार विशेष रूप से छोटे व्यापारियों, सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए सकारात्मक हैं।

इससे जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान होने के साथ कारोबारियों के अनुपालन का बोझ भी कम होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें- भागलपुर के मदरसे में सोते मिले गुरुजी! 5 क्लास में छात्र उपस्थिति मिली शून्य, DPO ने 48 घंटे में HM से मांगा जवाब