भागलपुर के मदरसे में सोते मिले गुरुजी! 5 क्लास में छात्र उपस्थिति मिली शून्य, DPO ने 48 घंटे में HM से मांगा जवाब
भागलपुर के नाथनगर स्थित मदरसा महमुदिया सिमरिया में डीपीओ के औचक निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था बदहाल मिली, जहाँ शिक्षक सोते ...और पढ़ें

भागलपुर नाथनगर के मदरसा महमुदिया सिमरिया में औचक निरीक्षण। प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
डीपीओ निरीक्षण में भागलपुर मदरसा में शिक्षक सोते हुए पाए गए।
मदरसा की पाँच कक्षाओं में छात्रों की उपस्थिति शून्य दर्ज हुई।
लापरवाही पर प्रधानाध्यापक से 48 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिले के नाथनगर प्रखंड स्थित मदरसा महमुदिया सिमरिया में शिक्षा व्यवस्था का हाल बेहाल है। विगत 28 सितंबर को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ, एसएसए) महेश प्रसाद द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान मदरसे में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।
निरीक्षण की जांच रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक ओर बच्चे तालीम से वंचित पाए गए, वहीं दूसरी ओर कुछ शिक्षक क्लास में बेधड़क सोते हुए नजर आए, जबकि कुछ स्टाफ बैठकर गपशप में व्यस्त मिला। इस महालापरवाही पर संज्ञान लेते हुए डीपीओ ने मदरसा के प्रधानाध्यापक से 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हेडमास्टर समेत गुरुजी भी बिना हस्ताक्षर मिले अनुपस्थित
मदरसा महमुदिया सिमरिया में कुल 10 शिक्षक, एक लिपिक और दो परिचारी पदस्थापित हैं। निरीक्षण के दिन, प्रधानाध्यापक मो. निसार अहमद उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किए बिना ही अनुपस्थित पाए गए। इसी प्रकार, मो. तैयब अंसारी और परिचारी मो. गोहरतसीम मदरसे में उपस्थित तो थे, लेकिन उन्होंने उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर तक नहीं किया था।
नाथनगर मदरसा लापरवाही: एक नजर में
मदरसा का नाम: मदरसा महमुदिया सिमरिया, नाथनगर, भागलपुर।
निरीक्षण तिथि व अधिकारी: 28 सितंबर, डीपीओ एसएसए महेश प्रसाद।
कर्मचारी विवरण: कुल 10 शिक्षक, 1 लिपिक, 2 परिचारी।
शिक्षकों की लापरवाही: कुछ सोते मिले, कुछ गपशप में व्यस्त। पठन-पाठन में रुचि नहीं।
उपस्थिति का हाल: कक्षा 1 (8 बच्चे), कक्षा 5 (15 बच्चे) मौजूद; कक्षा 2, 3, 4 और 6-12 में उपस्थिति शून्य।
हेडमास्टर की स्थिति: मो. निसार अहमद उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर किए बिना ही अनुपस्थित पाए गए।
एमडीएम स्टेटस: मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन संचालित नहीं मिला।
कार्रवाई: हेडमास्टर से 48 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया।
डीपीओ ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि मदरसा के शिक्षकों द्वारा बच्चों को तालीम देने और पठन-पाठन कार्य में रत्ती भर भी रुचि नहीं ली जा रही है।
ऊपरी तल पर छोटे बच्चों को एक साथ बैठाकर खानापूर्ति
निरीक्षण रिपोर्ट में छात्र उपस्थिति को लेकर सबसे गंभीर स्थिति सामने आई है। डीपीओ ने जब भौतिक सत्यापन किया, तो मदरसा में छात्र उपस्थिति पंजी ही उपलब्ध नहीं कराई गई। मदरसे में कुल 100 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन भौतिक सत्यापन में कक्षा एक में मात्र आठ और कक्षा पांच में 15, यानी कुल 23 बच्चे ही उपस्थित मिले।
MDM भी बंद
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मदरसा के ऊपरी तल के तीन कमरों में छोटे-छोटे बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाने की महज खानापूर्ति की जा रही थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि मदरसा में रूटीन के अनुसार तालीम नहीं दी जा रही है। साथ ही, मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन (MDM) भी संचालित नहीं पाया गया, हालांकि शिक्षकों ने भोजन आयोजन की बात कही। शिक्षक उपस्थिति पंजी भी सत्यापित नहीं पाई गई।
