कटाव के साये में बिहार का राघोपुर गांव, घर-बार छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे ग्रामीण
भागलपुर के राघोपुर पंचायत में गंगा नदी के भीषण कटाव से भयावह स्थिति है, जिससे पलालपुर, शंकरपुर और ननकार गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

राघोपुर में कटाव। फोटो जागरण
HighLights
गंगा कटाव से राघोपुर पंचायत में भयावह स्थिति उत्पन्न।
पलालपुर, शंकरपुर, ननकार गांव के लोग पलायन कर रहे।
150 साल पुराना मंदिर, पीपल वृक्ष नदी में समाया।
वाद सूत्र, खरीक (भागलपुर)। राघोपुर पंचायत में गंगा के भीषण कटाव से भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है। कटाव के बढ़ते दायरे के बीच पलालपुर, शंकरपुर और ननकार गांवों के लोग घर छोड़कर परिवार और जरूरी सामान के साथ ऊंचे व सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
इलाके में अफरातफरी का माहौल है। ग्रामीणों को अपने घर-बार और जमीन के कटाव में समा जाने की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि वे लगातार जहाज उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे। समय रहते जहाज और प्रभावी बचाव व्यवस्था उपलब्ध कराई गई होती तो शायद कटाव से होने वाली तबाही को कम किया जा सकता था।
ग्रामीणों के मुताबिक, रेलवे बांध के आसपास कटाव लगातार फैल रहा है। इससे रेलवे बांध और आसपास की आबादी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
माइकिंग कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
कटाव की चपेट में आने से कुछ घरों के साथ ब्रह्म बाबा मंदिर का भी हिस्सा प्रभावित हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम ने बचाव एवं सुरक्षात्मक कार्य तेज कर दिए हैं।
एसपी, बीएसपी, डीसीएलआर समेत विभिन्न पदाधिकारी प्रभावित गांवों में माइकिंग कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहे हैं।
प्रशासन जोखिम वाले इलाकों से लोगों को हटाने में जुटा है। ग्रामीण भी अनहोनी की आशंका के बीच सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं।
फिलहाल रेलवे बांध की सुरक्षा, कटाव पर नियंत्रण और प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।
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