कुंभ राशि की सास और मेष राशि की बहू, इन बातों पर कभी नहीं बनती सहमति
ज्योतिष के अनुसार, कुंभ राशि की सास और मेष राशि की बहू के रिश्ते में अक्सर वैचारिक मतभेद और अधिकारों की लड़ाई जैसे संघर्ष होते हैं। ...और पढ़ें
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कुंभ सास और मेष बहू के रिश्ते में ग्रहों का प्रभाव और संघर्ष के कारण (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सास और बहू का रिश्ता बहुत अनोखा होता है। इसमें कभी मीठी तू-तू-मैं-मैं तो कभी तीखी नोकझोक होती रहती है। तो कभी तीखी नोकझोक होती हरती है। यह सब राशियों और उनके ग्रहों पर निर्भर करता है कि सास-बहू की बनेगी या नहीं। ज्योतिष गणनाओं के आधार पर यदि सास और बहू दोनों की राशियां उग्र एवं पापी ग्रह से संबंधित हैं, तो उनका आपस में एक दूसरे से सहमत होना बहुत ही मुश्किल है।
कुंभ और मेष ऐसी ही राशियां हैं। जहां कुंभ शनि की राशि है वहीं मेष मंगल की। ऐसे में इन दो राशियों की सास -बहू हमेशा ही रिश्ते में संघर्ष करती हैं। चलिए बात करते हैं कि इन्हें रिश्ते में किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वैचारिक मतभेद
दोनों के विचार एक दूसरे के एकदम विपरीत होते हैं। कुंभ राशि के लोग अत्याधिक जिद्दी होते हैं। वहीं मेष राशि के लोग छोटी-छोटी बातों में भड़क जाने वाले होते हैं। ऐसे में, इन दोनों राशि की सास-बहू की जोड़ी के विचार आपस में कभी भी नहीं मिलते हैं।
मेष राशि वालों को चीजें योजना के अनुसार चाहिए होती हैं, तो दूसरी तरफ कुंभ राशि वाले हमेशा अपनी जिद पर अड़े रहते हैं। इस वजह से दोनों में मनमुटाव हमेशा बना ही रहता है।
व्यक्तिगत स्वतंत्रता छिनती है
मेमेष राशि की बहू है तो आजाद ख्यालों की होगी, वहीं कुंभ राशि के लोग थोड़े उदासीन होते हैं। कई बार तो ये लोग भावहीन प्रतीत होते हैं। ऐसे में मेष और कुंभ का कोई मेल नहीं है। कुंभ राशि की सास हमेशा मेष राशि की बहु से वो करवाने की कोशिश करेगी, जिससे उसकी जिद्द पूरी होती हो। दूसरी तरफ मेष राशि की बहू मनमौजी होगी, सास के इस स्वभाव से उसे लगेगा कि कोई उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता छीन रहा है।
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दोनों एक दूसरे की आलोचक होती हैं
आलोचक से कभी नहीं डरना चाहिए, मगर जब सास बहू की और बहू सास की आलोचक बन जाए, तो यहां लड़ाई अहंकार की होती है। दोनों को एक-दूसरे की पसंद और चुनाव से परहेज होता है। जो बात सास को पसंद होगी, वह बहू को नहीं भाएगी, और बहू को अच्छा लगता होगा, उससे सास चिढ़ जाएगी।
अधिकारों की लड़ाई होती है
मेष और कुंभ दोनों ही डॉमिनेटिंग राशियां हैं। ऐसे में सास-बहु के रिश्ते में अधिकारों को लेकर हमेशा लड़ाई होगी। दोनों ही राशियों को अपनी पर्सनल स्पेश से प्यार होता है। ऐसे में अधिकारों को लेकर दोनों में हमेशा बहस होगी। मेष राशि को तुरंत काम करने की आदत होती है, वहीं कुंभ राशि के लोग सुस्त होते हैं। ऐसे में घर की जिम्मेदारियों को ज्यादा बोझ मेष राशि की बहू पर आएग, जो उसकी व्यक्तिगत नीजता के अधिकार का हनन करेगा।
अत: सास-बहु की जोड़ी यदि मेष और कुंभ राशि वाली हो, तो दोनों शांत रहना का प्रयास करना चाहिए और इसके लिए दोनों को भगवान शिव की शरण लेनी चाहिए। क्योंकि धार्मिक शास्त्रों के आधार पर शनि भगवान शिव के सबसे बड़े भक्त हैं और मंगल देव को भगवान शिव का पुत्र बताया गया है।
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