4 दिन का जश्न, 700 टन कचरा; ब्रिटेन के रीडिंग म्यूजिक फेस्टिवल खत्म होते ही मैदान बना का पहाड़
इंग्लैंड के रीडिंग म्यूजिक फेस्टिवल के समापन के बाद आयोजन स्थल पर हजारों टेंट और 700 टन से अधिक कचरा छोड़ दिया गया।

रीडिंग म्यूजिक फेस्टिवल में 700 टन से अधिक कचरा
HighLights
रीडिंग म्यूजिक फेस्टिवल में 700 टन से अधिक कचरा
हजारों टेंट और अन्य सामान मैदान में छोड़े गए
आयोजक भविष्य में सख्त नियम लागू करने की तैयारी में
डिजिटल डेस्क, लंदन। इंग्लैंड के रीडिंग शहर में आयोजित प्रसिद्ध 'रीडिंग म्यूजिक फेस्टिवल' के समापन के बाद ली गई तस्वीरों से पता चलता है कि आयोजन वाली जगह पर हजारों टेंट और कचरे के ढेर पड़े हुए हैं। बता दें अगस्त की छुट्टी के दिन बर्कशायर शहर के लिटिल जॉन फार्म में आयोजित उत्सव में 100000 से अधिक लोग शामिल हुए।
ड्रोन फुटेज में दिखाया गया कि सभी के चले जाने के बाद भी परिसर में कचरे के ढेर लगे हुए थे। यहां उत्सव में शामिल हुए लोग हजारों तंबू, कुर्सियां, गद्दे, चादरें, कपड़े, खाने के डिब्बे और अन्य सामान छोड़कर चले गए।

रीडिंग म्यूजिक फेस्टिवल में 700 टन से अधिक कचरा
एक रिपोर्ट के मुताबिक, दर्शक मैदान में 700 टन से अधिक कचरा छोड़ गए हैं। इसमें हर साल करीब 2.5 लाख सिर्फ तंबू छोड़ दिए जाते हैं। सिर्फ इनसे ही लगभग 70 से 80 टन कचरा बन जाता है। चार दिन चलने वाले इस फेस्टिवल में 1 लाख से ज्यादा लोग जुटते हैं।
यह कार्यक्रम रीडिंग के पार्षदों की मंजूरी से होता है, जो हर साल एक रिपोर्ट मांगते हैं ताकि वे आयोजकों के कामकाज की जांच कर सकें। उन रिपोर्टों से पता चलता है कि छोड़े गए टेंट का मुद्दा कोई नया नहीं है।
2024 में, रीडिंग और लीड्स फेस्टिवल आयोजित करने वाली कंपनी 'फेस्टिवल रिपब्लिक' ने बताया कि कुल 702 टन कचरा जमा हुआ। यह 2023 में जमा हुए 780 टन कचरे से कम था।
सख्त नियम लागू करने की तैयारी में
2024 में, कुल कचरे का लगभग 10 प्रतिशत यानी 71 टन हिस्सा टेंट का था, जबकि 2023 में छोड़े गए टेंट का वज़न 80 टन था। होटल महंगे होने के कारण लोग सिंगल-यूज तंबू और अन्य सामान साथ ही लाते हैं। कार्यक्रम खत्म होते ही लोग चले गए, लेकिन अपने पीछे कचरे का मैदान छोड़ गए ।
यह ब्रिटेन सबसे बड़े संगीत समारोहों में से एक है, जिसकी शुरुआत 1961 में हुई थी। गंदगी की बढ़ती समस्या को देखते हुए आयोजकों ने भविष्य में सख्त नियम अपनाने की बात कही है, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
