पाकिस्तान की सत्ता में होगा बड़ा बदलाव: 'सिस्टम तबाह हो चुका है', पाक गृह मंत्री के बयान से मची खलबली
पाकिस्तान सरकार में दरारें साफ दिखने लगी हैं। पाकिस्तान की शासन व्यवस्था ध्वस्त हो जाने के अपने चौंकाने वाले बयान के कुछ ही दिनों बाद गृह मंत्री मोहसि ...और पढ़ें

पाकिस्तान की सत्ता में होगा बड़ा बदलाव (फोटो- रॉयटर)
HighLights
बोले- देश में हुआ बड़ा घोटाला जिसमें जजों से लेकर राजनेता तक शामिल
पहले कहा था- देश की शासन व्यवस्था ध्वस्त, चुनौतियों से नहीं निपट सकती
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार में दरारें साफ दिखने लगी हैं। पाकिस्तान की शासन व्यवस्था ध्वस्त हो जाने के अपने चौंकाने वाले बयान के कुछ ही दिनों बाद गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने देश के इतिहास में सबसे बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने का दावा किया है।
उन्होंने कहा कि इसमें जजों से लेकर राजनेताओं तक सरकारी तंत्र के कई अहम घटक शामिल हैं। हालांकि नकवी ने नाम उजागर नहीं किए, लेकिन उनके इन सनसनीखेज बयानों इस बात का संकेत दे रहे हैं कि पाकिस्तान सत्ता में बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के करीबी माने जाने वाले नकवी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान के इतिहास में कभी इतना बड़ा घोटाला हुआ है, जिसमें जज, नौकरशाह, राजनेता और बैंकर सभी शामिल रहे हों। 21 वर्षों तक रिश्वत दी जाती रही और लोग उसे लेते रहे। हम जिम्मेदार हर एक व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।"
गृह मंत्री ने घोटाले में शामिल लोगों के नाम बताने से परहेज किया। विश्लेषकों ने कहा कि नकवी ने सेना का जिक्र नहीं किया, जिससे पता चलता है कि उनकी बात मुख्य रूप से नागरिक प्रशासन के लिए थी।
पिछले कुछ हफ्तों में नकवी और शहबाज शरीफ सरकार के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। आइएएनएस के अनुसार, 30 जुलाई को उन्होंने 'पाकिस्तान इकोनॉमिक समिट' में यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि देश की दशकों पुरानी शासन व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और देश के समक्ष चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम नहीं है। इस बयान को शरीफ पर परोक्ष हमले के तौर पर देखा गया।
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इस कार्यक्रम में नकवी ने जवाबदेही और न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाने के लिए नई प्रशासनिक इकाई या प्रांत बनाने की बात भी कही थी। सेना ने उनके विचारों का समर्थन किया और डीजी आइएसपीआर ने भी कहा कि शासन व्यवस्था फेल हो गई है।
सेना ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव न केवल शासन को बेहतर बनाने के लिए, बल्कि सुरक्षा के नजरिये से भी जरूरी है।
खास बात यह है कि पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) इस मामले पर चुप हैं।
पाकिस्तान अखबार 'फ्राइडे टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर पाकिस्तानी सत्ता-तंत्र को सच में लगता है कि मौजूदा शासन व्यवस्था फेल हो चुकी है, तो उनके पास सिर्फ दो ही रास्ते हैं- या तो मार्शल ला लगाकर जिम्मेदारी लें या फिर वास्तविक चुनाव करवाकर वोटरों को सत्ता सौंप दें।