'मुस्लिम देशों के बीच बने नाटो जैसा सैन्य गठबंधन', पाकिस्तान के बड़बोले मंत्री की बड़ी मांग
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच मक्का में रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर के एक दिन बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को इस्लामी देशो ...और पढ़ें

पाकिस्तानी मंत्री ने नाटो जैसी इस्लामी सैन्य गठबंधन की मांग की (फोटो- एक्स)
HighLights
पाकिस्तानी मंत्री बोले- एक्सक्लूसिव क्लब न बने हमारा सैन्य गठबंधन
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने मक्का में रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच मक्का में रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर के एक दिन बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को इस्लामी देशों से अपने मतभेद भुलाकर नाटो जैसी सैन्य गठबंधन बनाने की अपील की है।
जियो न्यूज से बातचीत में आसिफ ने कहा कि मक्का में हुआ समझौता विशेष क्लब नहीं रहना चाहिए और इसे अन्य इस्लामी देशों तक विस्तारित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देखिए, हम अन्य देशों के लिए दरवाजे बंद नहीं कर सकते। यह विशेष क्लब नहीं होना चाहिए। यह मेरी व्यक्तिगत राय है। इसे विस्तार मिलना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि मुस्लिम देशों को अपने मतभेद, लेन-देन संबंधी या द्विपक्षीय विवादों को एक तरफ रखकर नाटो की तर्ज पर एकजुट होना चाहिए।
शुक्रवार को पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की ने मक्का में रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में कहा गया है कि तीनों में से किसी एक देश पर सशस्त्र हमला होने पर उसे तीनों पर हमला माना जाएगा। यह नाटो के आर्टिकल-5 के सामूहिक रक्षा सिद्धांत से मिलता-जुलता है।
इस समझौते में सऊदी अरब की आर्थिक ताकत, तुर्किए का रक्षा उद्योग और नाटो अनुभव तथा पाकिस्तान की बड़ी सेना और परमाणु क्षमता को एक साथ लाया गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता तीनों देशों के लंबे ऐतिहासिक संबंधों, साझा रणनीतिक हितों, रक्षा सहयोग और इस्लामी एकजुटता से प्रेरित है।